1 जे भरहा मे कमजोर से, तीने आपणी ह़ंगात मे ली लेवो, पण सण्का पोर जखड़ी पड़वा करीन नी। 2 एक ने भरहो से के आखु खावा वारलुत से, पण जे भरहा मे कमजोर से तीहयो ते भाजी-पालो एतरोत खाय। 3 अने खावा वाळो, नी खावा वाळा ने कमजोर ना ह़मजे, अने नी खावा वाळो, खावा पोर गुनो ना लगाड़े काहाके भगवान तीने आवरी लेदलो से। 4 तु कोय से बीजा ना चाकर्या पोर गुनो लगाड़े? तीनु टेकीन रेवा नीता पड़ जवा नु ते तीना मालीक नी जपापदारी से, तीने टेकलोत राखहे; काहाके मालीक तीने टेकीन राख सके।
5 कोय माणेह ते एक दाड़ा ने बीजा दाड़ा सी बड़ीन माने, अने कोय आखा दाड़ा ने एक ह़रका माने, आखा आपणा मन मे ठान लेय। 6 जे कोय काना दाड़ा ने माने, तीहयो मालीक ना लेदे माने। अने जे कोय खाय, तीहयो मालीक ना लेदे खाय, काहाके तीहयो मालीक ने वारु से के केय, अने जे नी खाय, तीहयो मालीक ना लेदे नी खाय, अने भगवान ने वारु से के केय। 7 काहाके आपणी मे गेथा नी कोय आपणी लेदे जीवे अने नी कोय आपणी लेदे मरे। 8 आमु जीवत्ला से ता मालीक ना लेदे जीवत्ला से, अने कदी आमु मरीया ता मालीक ना लेदे मरया; आमु जीवया के मरया मालीक ना लेदे से। 9 काहाके मसी आनी लेदे मरलो अने जीवतो बी हय जेलो के तीहयो मरला नो अने जीवत्ला बेम नो मालीक हये।
10 तु आपणा भाय पोर काहा गुनो लगाड़त्लो? नीता तु काहा आपणा भाय ने कमजोर ह़मजत्लो? आपणु आखान-आखा भगवान ना नीयाव ना जागा अगळ उबा हयहु। 11 काहाके सास्तर मे लीखलु से,
"मालीक केय, मारी जीवाय नी ह़ाम,
आखा माणहु मार अगळ मांडा टेकहे,
अने एक-एक भगवान ने हुकार लेहे।"
12 एतरे आपणी मे ना आखान-आखा ने भगवान अगळ लेखो आपवा पड़हे।
13 एतरे हाव गेथा अगा कोय पोर गुनो ना लगाड़ो, पण तमु आहयुत ठाण लेवो के आपणा भाय अगळ ठोकर खाय्न पाप मे पड़वा नो कारण ना बणो। 14 मालीक ईसु मसी मे एक हयवा ना नाते पक्कु मालम से के कानी बी चीज वीटळ्ळी नी हय, पण जे कोय तीहयी चीज ने वीटळ्ळी ह़मजी लेय तीनी जुगु तीहयी चीज वीटळ्ळी से। 15 कदीम तारा भाय-बेन्या तु जे खाय तीनी जुगु दुखी हये, ता तु मोंग सी नी जीव र्यो; जीनी लेदे ईसु मसी मर जेलो से, तीमने तु तारा खाणु नी करते ना खत्तम करे। 16 जीने तमु भलु ह़मजो तीने तमु कोयने गलत नी केवा देवो। 17 काहाके भगवान नु राज खाणु-पीणु नी हय; पण धरम, सांती अने खुसी सी रेवा नु से; अने आहयु आखु चोखली आत्मा ना लारे जड़े। 18 अने जे कोय आहयी रीते मसी नी सेवा करे, तीहयु भगवान ने गमे, अने माणहु मे बी अबरु री जाय।
19 एतरे आपणु ने तीहयी वात नी हेर करवा जोवे, जीनी सी मेळीन रीया तेम अने एक-बीजा ने ह़ुदारया तेम। 20 खाणान करते भगवान नु काम ना बगाड़े: आखु कंय चोखु ते से, पण तीहयु ते माणेह जुगु वीटळ्ळु से, जे खाणु नी जुगु काना बीजा भाय ने ठोकर लागे। 21 भलु ते आहयु से, के तु ना माह खाय, अने ना ह़रु पीय, नी अळी कंय एवु काम करे, जीनी सी तारा भरहो करन्या भाय-बेन्या ठोकर खाय। 22 तारो जे भरहो हय, तीने भगवान ना अगळ आपणात मन मे राख। जुगाळा से जे तीहयी वात मे, जीने तीहयो वारु ह़मजतो हय, खुद ने गुनाळ्ळो नी ठेरावे। 23 पण जे सण्का करीन खातो हय, तीने भगवान गुनाळ्ळो ठेरावे, काहाके तीहयो भरहा सी नी खाय, अने जे कंय भरहा सी नी खाय, तीहयु पाप से।