1 आनी बाद एक अळी ह़रगदुत ने ह़रगे गेथो उतरते देख्यो, जीने मोट्लो हक जड़लो हतो; अने धरती तीनी चमक सी पपलवा बाज ज्यी। 2 तीहयो उची अवाज सी आड़ीन केदो, "पड़ ज्यु, मोट्लु बेबीलोन पड़ ज्यु! तीहयु हाव भुत नो रेवास, अने एक-एक वीटळ्ळी आत्मा नो ठीयो बण जेलु से, अने ह़ीगी आवे एवा चड़ा नो ठीयो बण जेलु से। 3 काहाके आखा देस वाळा तीनु ह़रु मतलब गलत ईच्छा ने पीदला से। अने धरती ना राजा तीनी ह़ाते छीनाळु करला से, अने आहयी धरती पोर वाळा वेपारी तीना मोज-मस्ती ना धन सी पामता हय जेला से।"
4 अळतेण मे ह़रगे गेथो एक अळी बोल ह़मळ्यो,
"ए मारा माणहु, तीनी मे गेथा नीकळ आवो के
तमु तीना पाप मे साजल्या नी रेवो, अने तीना डंड मे
तमु साजल्या ना बणो।
5 काहाके तीना पाप नो ढेर ह़रगे तक पुग जेलो से,
अने भगवान तीना गलत काम ने फोम करलो से।
6 तमु बी तीनी ह़ाते तेवोत वेहवार करो जेम तीहयी तमारी ह़ाते करली से,
जे तीहयी तमारी ह़ाते करी तीना बदला मे बे गुणा वदु तीनी ह़ाते करो।
तमारी जुगु तीहयी जे कटोरा मे ह़रु भेसकी तेमेत तमु
तीनी जुगु बे गुणा जादा भेसको।
7 काहाके जे बड़ाय अने सुख तीहयी आह़फी ने आपी तमु
तीहयीत रीते दुख आपो।
काहाके तीहयी आह़फी मन मे केती रेय,
‘मे राणीन तेम बह री।
मे रंडायली नी हय,
अने कदी दुख मे नी पड़ु।’
8 आनीन करते तीनी पोर एकीत दाड़ा मे गरा आय पड़हे,
मतलब मोत, दुख, काळ;
अने तीने आक्ठु मे खत्तम कर देहे,
काहाके तीनो नीयाव करन्यो मालीक भगवान जोरभर्यो से।"
9 धरती पोर वाळा राजा जे तीनी ह़ाते छीनाळु कर्या, अने मोज-मस्ती कर्या, जत्यार तीनो धपवा नो धुकरो देखहे, ता तीनी जुगु रड़हे अने छाती ठोकहे। 10 तीनी वेला नी बीक ना कारण सी छेटात उबा रीन तीहया केहे, "ए मोट्ला ह़ेर, बेबीलोन! ए ताखत वाळा ह़ेर, गरा आय पड़े! गरा आय पड़े! थोड़ीकेत वार मेत तारो डंड तने जड़ ज्यो।"
11 धरती पोर वाळा वेपारी तीनी जुगु रड़हे अने कलपहे, काहाके हाव कोय तीमनो माल वेचातो नी लेय; 12 मतलब ह़ोनु, चांदी, मोगला दगड़ा, मोती, अने लेफड़्या, जामण्या, रेसमी लुगड़ा, अने रात्ला रंग ना लुगड़ा, अने आखी भाती ना गंदायण्या लाकड़ा, हाती ना दात ना आखा चीज, मोगला लाकड़ा, काच, लुहड़ा ना अने संगमरमर ना दगड़ा नु आखु चीज, 13 अने दाळ मसालो, मसाला, धुप अगरबत्ती, गंदायण्यु तेल, लोबान, ह़रु, तेल, मयदो, गम, गाय-बोळद्या, गाडरा, घोड़ा, घोड़ागाडी, अने चाकर्या, अने आञे तक के माणहु नु डील अने जीवाय बी। 14 हाव तारा मन गमता फोळ तारीन्तां गेथा जत र्या, अने घटाळी चीज तारीन्तां गेथी सेटी हय ज्यी, अने तीहयु तने अळतेण कदी नी जड़े। 15 तीहया वेपारी जे तीहयी चीज नु वेपारु करता जाय्न पामता हय जेला हता, तीहया तीनी ह़ाते तीना दुख मे साजल्या बणवा ना बीक ना कारण सी छेटात उबा रेहे, तीहया रड़हे अने कलपहे। 16 अने केहे, "गरा आय पड़े! गरा आय पड़े! आहयु मोट्लु ह़ेर जे लेफड़्या, अने जामण्या अने रात्ला रंग नु लुगड़ु पेरलु हतु, अने ह़ोनु अने मोगला दगड़ा, अने मोती सी ह़ींगारलु हतु; 17 अने थोड़ीक वार मेत तीनु आखु माल-धन खत्तम हय ज्यु।" अने आखा ढुंड्या ना डायला अने आव्वा-जवा वाळा अने ढुंड्या चलाड़न्या, अने जेतरा दर्या मे वेपार करता हता, आखा सेटा उबा र्या, 18 अने तीनो धपवा नो धुकरो देखता जाय्न आड़ीन केहे, "कानु ह़ेर आहयु मोट्लु ह़ेर ने तेवु बण्यु?" 19 अने आह़फा-आह़फाम ना मुंडा पोर कादो नाखहे, अने रड़ता जाय्न अने कलपता जाय्न केहे, "मोट्लु ह़ेर गरा आय पड़े! गरा आय पड़े! आहयु मोट्लु ह़ेर जीनी धन-दवल्यत नी लारे दर्या ना आखा ढुंड्या वाळा पामता हय जेला हता, थोड़ीक वार मेत तीनु आखु उजड़ ज्यु।"
20 ए ह़रग अने ए भगवान ना चोखला माणहु, अने नेवताळा अने भगवान वगे गेथा केण्या माणहु, खुस हयो, काहाके भगवान तीने तेवोत डंड आपलो से जेवो तीहयु तमने आपलु हतु!
21 अळतेण एक जोरभर्यो ह़रगदुत मोट्ली घट्टी ना पोड़ ने तेवो दगड़ो चुट्यो, अने आहयु कीन दर्या मे नाख देदो, "मोट्लु ह़ेर बेबीलोन ने आसमेत ताखत सी हेटु नाख देहे, अने अळतेण कारु बी तीनो पतो नी चाले। 22 तम्बुरा वगाड़वा वाळा नी, अने गीत गाव्वा वाळा नी, अने पाहळी वगाड़वा वाळा नी, अने फेपार्या वगाड़वा वाळा नी अवाज अळतेण कारु बी तारी मे नी ह़मळाये; अने अळतेण कानु काम करन्यो कारीगर बी तारी मे नी जड़े; अने कारु बी तारी मे घट्टी चालवा नी अवाज नी ह़मळाय; 23 अने दीवा नु वीजाळु अळतेण कदी नी तारी मे देखाय, अने अळतेण कदी नी तारी मे लाडी अने लाडा नी अवाज ह़मळाय; काहाके तारा वेपारी धरती पोर ना डायला हता, अने कळी ना आखा माणहु तारा झुटा सेलाण्या सी भटकाड़ला हता।"
24 बेबीलोन ने डंड जड़्यो, काहाके, भगवान वगे गेथा केण्या माणहु अने भगवान ना चोखला माणहु, अने धरती पोर जेतरा मार नाखला हता आखा नु लोय तीनीत मे जड़लु से।