1 अळतेण मे एक अळी जोरभर्या ह़रगदुत ने ह़रगे गेथो उतरते देख्यो। तीहयो वादळु ने ओड र्यो हतो, अने तीना मुंडा नी आड़े-धेड़े एक बाम हतो। तीनु मोडु दाहड़ुन तेवु अने तीना पोगु आक्ठु ना खम्बा ह़रका हता। 2 तीना हात मे एक नान्ली कीताप उगड़ली हती। तीनो जमणो पोग दर्या मे अने डाखर्यो पोग धरती पोर मेक्यो, 3 अने एवी उची अवाज सी आड़्यो, जेम नाहर आड़े; अने जत्यार तीहयो आड़्यो ता वादळा नी गाज ना ह़ात बोलु ह़मळाया। 4 जत्यार ह़ातोव गाज ना बोलु ह़मळाय ज्या, ता मे लीखवा तीयार हय जेलो; पण मे ह़रगे गेथी आहयी अवाज ह़मळ्यो, "जे वात तीहयी गाज ना बोलु सी ह़मळ्यो तीने सील लगाड़ीन मन मे ह़ताड़ीन राख, अने ना लीखे।"
5 जे ह़रगदुत मे धरती अने दर्या पोर उबो हय रेलो देखलो, तीहयो तीनो जमण्यो हात ह़रग भणी कर्यो, 6 अने जे जलमको जीवत्लो से, अने जे ह़रग ने अने जे कंय ह़रग मे से, अने धरती ने अने जे कंय धरती पोर से, अने दर्या अने जे कंय दर्या मे बण्यु, तीनीत ह़ाम खाय्न केदो, "हाव ते अळी वार नी लागे। 7 पण जत्यार ह़ातवा ह़रगदुत ने ह़मळवा नी टेम आवहे मतलब तीहयो तीनु फेपार्यु वगाड़वा वाळो रेहे, ता भगवान नी ह़तायली योजना पुरी हय जहे। जीनी खुस-खबर तीहयो आह़फा ना चाकर्या भगवान वगे गेथा केण्या माणहु ने आपलो पुरी हयहे।"
8 जे बोल ह़मळावा वाळा ने मे ह़रगे गेथो बोलते ह़मळ्यो, तीहयो अळी मारी ह़ाते वात करवा बाज ज्यो, अने केदो, "जा, जे ह़रगदुत धरती पोर अने दर्या मे उबो हय र्यो, तीना हात मे वाळी उगड़ली कीताप ली ले।"
9 अने मे ह़रगदुत ने तां जाय्न केदो, "आहयी नान्ली कीताप मने आप दे।" तीहयो मने केदो, "ले, आने खाय ले; आहयी तारु पेट खाटु ते करहे, पण तारा मोडा मे मोद ने तेवी गळ्ळी लागहे।"
10 मे तीहयी नान्ली कीताप तीहया ह़रगदुत पांह गेथी मांगीन खाय ज्यो। तीहयी मारा मोडा मे मोद ने तेवी ते लागी, पण जत्यार मे तीने खाय ज्यो, ता मारु पेट खाटु हय ज्यु। 11 ता मने केदो, "तने घणा माणहु ने, अने जात्या ने, अने बोली वाळा ने अने राजा ना बारा मे पासी भगवान वगे गेथी वात केवा पड़हे।"