1 ईफीसुस नी मंडळी ना दुत ने आहयु लीख: "जे ह़ातोव तारा आह़फा ना जमणा हात मे ली र्यो, अने ह़ोना ना ह़ात दीवलाय नी वच मे फीरे, तीहयो आहयु केय के: 2 जे तु कर्यो, अने तारी मेहनत ना काम ने, अने तारा गम ने जाणु; अने आहयु बी के तु कुहर्या माणहु ने देख नी सके, अने जे आह़फा ने चेला केय, अने तीहया नी हय, तीमने तु पारखीन झुटा देख्यो। 3 तु गम खाय, अने मारा नाम नी करते दुख झेल्यो, ते बी तु नी थाक्यो। 4 पण मने तारा वीरोद मे आहयु केणु से के तु पेलो जे मोंग करतो हतो तीने तु सोड़ देदलो से। 5 करीन तु फोम कर के तु केतरो उचे गेथो पड़ जेलो से! अने पापु सी मन फीरव अने पेलेन तेम काम कर। कदीम तु पापु सी मन नी फीरावे, ता मे तारीन्तां आवीन तारा दीवा मेलवा ना खुटा ने तीना जागा पोर गेथो सेटो कर देही। 6 पण होव, तारी मे आहयी वात ते से के तु नीकुलीयो ना कामु सी ह़ीगी करे, जीनी सी मे बी ह़ीगी करु।"
7 "जीना कान्टा हय तीहया ह़मळ लेय, के आत्मा मंडळी ने ह़ु केय, जे जीकहे, मे तीने तीहया जीवाय ना झाड़ मे गेथो जे भगवान ना बगीचा मे से, फोळ खावा देही।"
8 "स्मुरना नी मंडळी ना दुत ने आहयु लीख: ‘जे पेल्नो अने आखरी से जे मर जेलो अने हाव पासो जीवतो हय जेलो से, तीहयो आहयु केय के।’ 9 मे तारा दुख अने गरबाय ने जाणु पण तु पामतो से, अने जे माणहु आह़फाम ने युहदी केय पण हय नी, अने तारा वीरोद मे तीहया जे गलत वात केय तीने मे जाणु। तीहया भुतड़ा नो टोळो से। 10 जे दुख तने झेलवा पड़हे, तीनी सी ना बीहे। काहाके देखो, भुतड़ो तमारी माय्न थोड़ाक ने जेल मे कुंडवा वाळो से के तमने पारखे; अने तमने दह दाड़ा लग दुख झेलवा पड़हे। जीव आपते लग भरहो करन्यो रे, ता मे तने तारा जीक नु ईलाम जीवाय आपही।"
11 "जीना कान्टा हय, तीहयो ह़मळी लेय के आत्मा मंडळी ने ह़ु केय, ‘जे जीकलो से’ तीने बीजी मोत सी कंय बी नुकसान नी हये।"
12 "पीरगमुन नी मंडळी ना दुत ने आहयु लीख: ‘जीनी पांह बे धार्याण अने वेताळी तलवार से, तीहयो आहयु केय के’ 13 मे आहयु जाणु के तु तां रेय, जां ह़ारीक भुतड़ा नी राजगादी से। तु मारी ह़ाते खरलो से, अने मारी पोर भरहो करवा मे तीहया दाड़ा मे बी नी पासो पड़्यो जे दाड़ा मे मारा भरहा नी लायक गवा अंतीपास ने तमारा ह़ेर मे मार नाखला, जां ह़ारीक भुतड़ो रेय। 14 पण तमारी वच मे थोड़ाक माणहु एवा से जे बीलाम नी ह़ीकापण माने, जे बालाक राजा ने ह़ीकाड़्या के ईस्रायली जाती ना माणहु ने मुरत्या पोर चड़ावलु खाणु खावा अने छीनाळु करवा नी लारे तीमने पाप मे पाड़वा करीन अगवाय करे। 15 तेवात तारीन्तां थोड़ाक माणहु से, जे नीकुलीयो नी ह़ीकापण माने।" 16 हाव पापु सी मन फीराव, नीता मे तारीन्तां छोटोत आवीन तमारा वीरोद मे मारा मोडा नी तलवार सी झुमायही।
17 जीना कान्टा हय, तीहयो ह़मळी लेय के आत्मा मंडळी ने ह़ु केय। जे जीक जाय, तीहया माणेह ने मे कंय ह़तायला मन्ना आपही। अने तीमनी माय्न एक-एक ने धोळ्ळो दगड़ो बी आपही, अने तीहया दगड़ा पोर एक नवलु नाम लीखलु रेहे, तीने नीस्तो लेवा वाळोत जाणहे।
18 "थुवातीरा नी मंडळी ना दुत ने आहयु लीख: ‘भगवान नो सोरो जीना डोळा आक्ठु नी आच ने तेवा, अने पोग वारला पीतळ ने तेवा से, तीहयो आहयु केय के’ 19 मे तारा कामु, मोंग, भरहो, सेवा अने गम ने जाणु, अने आहयु बी जाणु के तु तारा पाछला काम सी जादा वारु काम हमणे कर र्यो। 20 पण मे तारा वीरोद मे आहयु केम के तु तीहयी ईजेबेल नाम नी बयर ना गलत काम ने वेठ र्यो, जे आह़फी ने भगवान वखे गेथी वात केवा वाळी केय। अने तीनी ह़ीकापण नी लारे मारा चाकर्या ने छीनाळु करवा अने मुरत्या अगळ चड़ावलु खाणु खावा करीन गलत अगवाय करे। 21 मे तीने तीमना पापु सी मन फीरवा नो मोखो आप्यो, पण तीहयी तीना छीनाळा ना कामु सी मन फीराव्वा तीयार नी हय। 22 करीन हाव देखो, मे तीने मंदवाड़ ना गोदड़ा मे ह़ुवाड़ देही अने तीमने बी, जे तीनी ह़ाते छीनाळु मे भेसकायला से; के तीहया तीहयी टेमे तक घण-जबर दुख झेलता रेय, जत्यार तीहया तीनी ह़ाते करला आह़फाम ना गलत काम सी मन नी फीरवे। 23 मे तीनी पसळ चालन्या ने मार नाखही; ता आखी मंडळी ना माणहु जाण लेहे के मन अने वीच्यारु ने पारखवा वाळो मेत से, अने मे तीमनी माय्न एक-एक जणा ने तीमना काम नी अनसारे बदलो लेही।"
24 "पण तमु थुवातीरा ना बचला बीजा माणहु सी, जेतरा आहयी गलत ह़ीकापण ने नी मान्ता, अने तीहयी वात ने जे भुतड़ा नी केदली घणी जुदी वात ने नी जाण्या, तीमने आहयु केम के मे तमारी पोर अळी भार नी नाखु। 25 पण जे तमारी पांह से तीने मने आवते लग वारु ह़माळीन राख रेवो। 26 जे जीकीन रेय अने मारा कामु नी अनसारे आखरी तक करतो रेहे, मे तीने तीहयोत हक आपही जे मे मारा बाह पांह गेथो हात करलो से। 27 अने मे तीमने देसु पोर हक आपही, अने तीहया लुहड़ा नो ह़र्यो लीन तीमनी पोर राज करहे, अने तीमने कादा ना रासुन तेम टुकड़ा-टुकड़ा कर देय: 28 अने मे बी तीमने ह़वारे नी चांदणी आपही"
29 "जीना कान्टा हय तीहया ह़मळी लेवो के आत्मा मंडळी ने ह़ु केय।"