1 अळतेण मे ह़मळ्यो एक उची अवाज मंदीर मे गेथा तीहया ह़ात ह़रगदुत ने आहयु केते ह़मळ्यो, "जावो, भगवान ना रीह ना ह़ातोव कटोरा धरती पोर रेचव देवो।"
2 पेल्नो ह़रगदुत ज्यो अने आह़फा नो कटोरो धरती पोर उन्दो वाळ देदो। ता तीहया माणहु ने, जीमनी पोर जंगली जानवर नो सीलटप्पो हतो अने तीनी मुर्ती नी पुंजा करता हता, तीमने एक भाती ना घण-जबर दुख देण्या, फोड़ा नीकळ्या।
3 अने बीजो ह़रगदुत आह़फा नो कटोरो दर्या पोर रेचव देदो, ता दर्या मरला माणहु ना लोय ने तेवी हय ज्यी, अने दर्या मे ना आखा रेवा वाळा जीव मर ज्या।
4 अळतेण तीसरो ह़रगदुत बी आह़फा नो कटोरो नंद्या अने पाणी ना झोर पोर रेचव देदो, अने तीहया लोय बण ज्या। 5 ता मे पाणी पोर हक वाळा ह़रगदुत ने आहयु केते ह़मळ्यो, "ए चोखला, जे से अने हतो, तु नीयाव करन्यो से अने तु आहयो नीयाव संय कर्यो। 6 काहाके तीहया भगवान ना चोखला माणहु अने भगवान वगे गेथा केण्या नु लोय वयाड़ला हता, अने तु नीयाव करन्यो से अने तु तीमने पीयाड़वा लोय बी आप्यो काहाके आहया आनीत लायक से।" 7 अळतेण मे वेदी ने आहयु केते ह़मळ्यो, "होव, एक जोरभर्या मालीक भगवान, तारा फेसला वारु अने खरला से।"
8 चोवथो ह़रगदुत आह़फा नो कटोरो दाहड़ु पोर रेचव देदो, अने दाहड़ु ने माणहु ने आक्ठु सी धपाड़ देवा नो हक आप्यो। 9 अने माणहु घण-जबर तपवा सी घण-जबर झळाय ज्या, अने भगवान ना नाम नी जीने आहयी गरा पोर हक से, वाक काड्या पण तीनी बड़ाय करवा करीन तीमना पापु सी नी फीर्या।
10 पांचवो ह़रगदुत तीनो कटोरो तीहया जंगली जानवर नी राजगादी पोर रेचव देदो, अने तीना राज पोर अंदारु हय ज्यु। अने माणहु वेला ना कारण सी आह़फाम नी जीप चाव्वा बाज ज्या, 11 अने तीमनी वेला अने फोड़ाम ना कारण सी ह़रगे ना भगवान नो वाक काड्या, पण आह़फा-आह़फाम ना पापु सी नी फीर्या।
12 छटवो ह़रगदुत आह़फा नो कटोरो मोट्ली नंदी फुरात पोर रेचव देदो, अने तीनु पाणी ह़ुक ज्यु के उगवणा गेथा आव्वा वाळा राजाम नी जुगु वाट तीयार हय जाय। 13 अळतेण मे तीहया अजगर ना मोडा मे गेथी, अने तीहया जंगली जानवर ना मोडा मे गेथी, अने तीहया झुटा भगवान वगे गेथा केण्या माणेह ना मोडा मे गेथी तीन वीटळ्ळी आत्मा ने डेकटा ना वेह मे नीकळते देख्यो। 14 आहया सेलाणी देखाड़वा वाळा भुतड़ा नी आत्मा से। आहयी तीन आत्मा जे आखी कळी ना राजान तां नीकळीन आनीन करते जाय के तीमने जोरभर्या भगवान ना तीहया मोट्ला दाड़ा नी लड़ाय नी जुगु एक्ठा करे।
15 "देख, मे चोट्टान तेम आवु; जुगाळो से तीहयो जे जागतो रेय, अने आह़फा ना लुगड़ा ने ह़माळीन राखे, के तीहयो नांगरलो नी फीरे, अने माणहु तीने लाजे पड़ते नी देखे।"
16 अने तीहयी भुत आत्मा राजाम ने तीहया जागे एक्ठा करी, जे ईब्रानी मे हरमगीदोन केवाये।
17 ह़ातवो ह़रगदुत आह़फा नो कटोरो वाहवु पोर रेचव देदो, अने मंदीर नी राजगादी मे गेथो मोट्लो बोल ह़मळायो, "पुरु हय ज्यु!" 18 अळतेण वीजळ्या चमक्या, अने वादळु मे गाजवा बाज ज्यु, अने एक मोट्लो भुकम्प आयो, जे जत्यार गेथी माणहु नी सुरुवात धरती पोर हयी, तत्यार गेथो एवो मोट्लो भुकम्प कदी नी आयो। 19 आनी सी मोट्ला ह़ेर ना तीन टुकड़ा हय ज्या, अने जाती-जाती ना ह़ेर खत्तम हय ज्या; अने भगवान मोट्ला बेबीलोन ने डंड आपवा करीन फोम करलो हतो, अने तीहयो तीने आह़फा ना भड़कत्ला रीह नु माणलु ह़रु नो पीयालो तीने पीवा आप्यो। 20 अने एक-एक टापु तीमना जागा गेथु हील ज्यु, अने बड़ाम नो पतो नी चाल्यो। 21 वादळा मे गेथा माणहु पोर मोटात-मोटा गारा पड़्या जे चाळीह़-चाळीह़ कीला ना हता, अने आनीन करते के आहयी वेला घणी भारी हती, माणहु गारा नी वेला नी कारण सी भगवान नो वाक काड्या।