1 अळतेण मे भाळ्यो, अने देख्यो, तीहयु गाडरु सीयोन बड़ा पोर उबु हय र्यु, अने तीनी ह़ाते एक लाख चाळीह ने च्यार हजार माणहु से, जीना नींडाळा पोर तीनु अने तीना बाह नु नाम लीखलु से। 2 अने ह़रगे गेथो मने एक एवो बोल ह़मळायो, जे पाणी नी घण ढेरकी धार अने वादळु नी गाज ने तेवो हतो, अने जे बोल मे ह़मळ्यो तीहयो एवो हतो जेम कोय तम्बुरा वगाड़वा वाळा तम्बुरो वगाड़ता हय। 3 तीहया राजगादी अगळ अने च्यारोव जीव अने पेल्ना वारा ना माणहु नी अगळ एक नवलु गीत गाव्वा बाज र्या हता। तीहया एक लाख चाळीह ने च्यार हजार माणहु ने सोड़ीन, जे धरती पोर गेथा वेचाता लीन सोड़ावला हता, तीमने सोड़ीन कोय बी माणेह तीहयु गीत ने ह़ीक नी सकतु हतु। 4 आहया तीहया एवा माणहु हता जे कानी बी बयर ह़ाते नी वीटळ्या, काहाके तीहया कुवारला हता; अने जां कंय गाडरु जतु हतु तीहया बी तीनीन तेमेत करता हता, आखा माणहु मे गेथा तीमने वेचाता लीन सोड़ावला हता, तीहया भगवान अने गाडरु जुगु फसल ना पेल्ना फोळ हता। 5 तीमना मोडा मे गेथु कारु बी झुट नी नीकळ्यु, तीहया वण-गुनाळ्ळा से।
6 अळतेण मे एक अळी ह़रगदुत ने वादळा मे उचेत उडत्लो देख्यो, जीनी पांह धरती पोर रेवा वाळा नी एक-एक जाती अने घोराणा अने बोली, अने माणहु ने ह़मळाव्वा करीन अमरकाय नी खुस-खबर हती। 7 तीहयो उचा बोल सी केदो, "भगवान नी ईज्जत करो, अने तीना मोट्ला कामु नी जुगु तीनी बड़ाय करो, काहाके आखा माणहु नो नीयाव करवा नी तीनी टेम आय लागली से; तीनी भक्ती करो, जे ह़रग अने धरती अने दर्या अने पाणी ना झोर बणायो।"
8 अने अळतेण एक अळी तीनी पसळ बीजो ह़रगदुत, आहयु केतो जाय्न आयो, "पड़ ज्यु मोट्लु बेबीलोन पड़ ज्यु, जे आह़फाम नु छीनाळु, नु माणलु ह़रु आखी जाती ने पीवाड़लु से।"
9 अने तीहया बे ह़रगदुत नी अळतेण एक अळी तीसरो ह़रगदुत आयो, अने उची अवाज सी आहयु केतो जाय्न आयो, "जे कोय तीहया जंगली जानवर अने तीनी मुर्ती नी पुंजा करे, अने आह़फा ना हात नीता नींडाळे तीनो सीलटप्पो लगाड़े, 10 ता तीहयो भगवान नी रीह नु ह़रु पीहे, एवु जे कंय बी भेसकायलु नी हय अने माणलु ह़रु जे भगवान नी रीह ना कटोरा मे तीयार करलु से। अने तीने चोखला ह़रगदुत अने गाडरु नी अगळ हुड़ु-हुड़ु धपत्लु आक्ठु अने बारुद मे दुख आपहे। 11 तीमनी वेला नो धुकरो जलमको उडतो रेहे, अने जे तीहया जंगली जानवर नी अने तीनी मुर्ती नी पुंजा करे, अने जे तीना नाम नो सीलटप्पो लगाड़े, तीमने रात-दाड़ो अराम नी जड़े।"
12 आनीन करते भगवान ना चोखला माणहु जे भगवान ना हुकम ने माने अने ईसु पोर भरहो राखे, धीरज धरवा जरुड़ी से।
13 अळतेण मे ह़रग मे आहयो बोल ह़मळ्यो, "लीख: जुगाळा रेहे तीहया मरन्या, जे हाव गेथा मालीक मे मरहे।" आत्मा केय, "होव, काहाके तीहया तीमनी आखी वेला ना कामु सी अराम हात करहे, अने तीमना काम तीमनी ह़ाते चाल पड़हे।"
14 मे भाळ्यो, अने देख्यो, एक उजळु वादळु से, अने तीहया वादळा पोर एक माणेह ना सोरान तेवु कोय बहलु से, जीना मुंडा पोर ह़ोना नी पागड़ी अने हात मे वेताळु दातड़ु से। 15 अळतेण एक अळी ह़रगदुत मंदीर मे गेथो नीकळीन तीने जे वादळा पोर बह र्यो हतो, उची अवाज सी आड़ीन केदो, "आह़फा नु दातड़ु लगाड़ीन वाडणी वाड, काहाके वाडणी नी टेम आय जेली से, आनीन करते के धरती पोर नी फसल पाक जेली से।" 16 ता जे वादळु पोर बहलो हतो तीहयो धरती पोर तीनु दातड़ु टेकव्यो, अने धरती नी फसल नी वाडणी कर्यो।
17 अळतेण अळी एक बीजो ह़रगदुत तीहया मंदीर मे गेथो नीकळ्यो जे ह़रग मे से, अने तीनी पांह बी वेताळु दातड़ु हतु।
18 अळतेण एक अळी ह़रगदुत जीने आक्ठु पोर हक हतो, वेदी मे गेथो नीकळ्यो, अने जीनी पांह वेताळु दातड़ु हतु, तीने उचा बोल सी केदो, "तारु वेताळु दातड़ु ली ले अने धरती ना वेला मे गेथा अंगुर ना घोड़ ने तोड़ लेय, काहाके आना अंगुर पाक जेला से।" 19 ता ह़रगदुत धरती पोर तीनु दातड़ु ने लगाड़्यो, अने अंगुरु ने भेळा कर्यो अने तीमने भगवान ना रीह ना मोट्ला ह़रु ना कटोरा मे नाख देदो। 20 अने तीमने ह़ेर सी बाहर ह़रु ना कटोरा मे रोदळी देदा, अने ह़रु ना कटोरा मे सी आतरु लोय नीकळ्यु के घोड़ा ना लगाम लग पुग ज्यु, अने बे ह़ोव मील लग वय ज्यु।