1 आहयी आखी वात नी अळतेण मे जे देख्यो ता आहयु देख्यो के ह़रग मे एक झापलु उगड़लु से, अने जीने मे पेले फेपार्यान तेवी अवाज मे मारी ह़ाते वात करते ह़मळलो, तीहयोत केय, "आञे उपर आवती रे; अने तीहयी वात मे तने देखाड़ही. जे आहयी वात हय जाय अने अळतेण पुरी हयवात वाळी से।" 2 पण तत्यारुत आत्मा मने हक मे कर लेदी। अने मे देख्यो के मारी अगळ ह़रग मे राजगादी मेकली हती, अने तीहयी राजगादी पोर कोय बही र्यु हतु। 3 तीहयो जे राजगादी पोर बह र्यो हतो, तीहयो रात्ला-भुरला अने पीळ्ळा-रात्ला पपलन्या दगड़ान तेम देखाय, तीहयी राजगादी ना च्यारो-मेर बाम नो रंग हतो। 4 तीहयी राजगादी नी च्यारो-मेर चोवीह़ राजगादी अळी हती; अने आहयी राजगादी पोर पेल्ना वारा ना चोवीह़ माणहु धोळ्ळा लुगड़ा पेरीन बह र्या हता। अने तीमना मुंडा पोर ह़ोना नी पागड़ी हती। 5 राजगादी मे गेथी वीजळी नी चमक अने वादळा मे नी गाज नीकळती हती, अने राजगादी अगळ आक्ठु ना ह़ात दीवा धपता हता, तीहयी भगवान नी ह़ात आत्मा से।
6 अळी बी राजगादीन अगळ आर-पार देखायवा वाळा काच ने तेवी दर्या फेल्ली हती, अने राजगादीन अगळेत अने राजगादी नी च्यारो-मेर च्यार जीव हता, जीमना अगळ-पसळ डोळात-डोळा से। 7 पेलो जीव नाहर ने तेवो हतो, अने बीजो जीव वाछड़ुन तेवो हतो, अने तीसरा जीव नु मोडु माणेह ने तेवु हतु, अने चोवथो जीव उडण्यान घुवड़ ने तेवो हतो। 8 तीहया च्यारोव जीव ना छोव-छोव पाखड़ा हता, अने च्यारो-मेर अने मोय डोळात-डोळा हता; अने तीहया रात ने दाड़ो अराम कर्या वगर आहयु केय,
"चोखलो, चोखलो, चोखलो, मालीक भगवान, जे जोरभर्यो,
हतो अने जे से, अने जे आव्वा वाळो से।"
9 ता तीहया जीव तीनी जे राजगादी पोर बह र्यो हतो, अने जे जलमको जीवत्लो से, बड़ाय अने ईज्जत करहे अने तु घणो वारु से केहे; 10 ता तीहया पेल्ना वारा ना चोवीह़ माणहु जे राजगादी पोर बह र्या हता, तीना पोगु मे पड़ीन, अने जे सदा जीवत्लो रेवा वाळा नी उपाह़ पाळे। अने तीहया राजगादी अगळ आह़फाम नी पागड़ी नाख देय अने आहयु केय,
11 "ए अमारा मालीक अने भगवान, तुत बड़ाय,
ईज्जत, अने ताखत नी लायक से;
काहाके तुत आखी चीज बणायो अने तीहयी आखी
तारीत मरजी सी, तीहयी बणी अने जीवत्ली से।"