1 अळतेण जे ह़ात ह़रगदुत पांह तीहया ह़ात कटोरा हता, तीमनी माय्न एक आवीन मने आहयु केदो, "ओरो आव, के ढेरेत नंदी नी धेड़े बह री, तीहयी मोट्ली छीनाळ, मतलब मोट्लु ह़ेर बेबीलोन नो डंड देखाड़ु। 2 जीनी ह़ाते धरती पोर ना राजा छीनाळु करला; अने धरती पोर रेवा वाळा तीनु छीनाळु नु ह़रु ना नसा नी धुंद मे हय जेला हता।"
3 ता मने पुरी रीती सी आत्मा हक मे कर लेदी, अने अळतेण ह़रगदुत मने जंगल मे ली ज्यो, अने तां मे रात्ला रंग नु जंगली जानवर पोर एक बयर ने बह रेली देख्यो। तीनी पोर भगवान ना वाक ना नामु आखे लीखला हता, अने तीना ह़ात मुंडा अने दह़ ह़ींगड़ा हता। 4 तीहयी बयर जमणा अने रात्ला रंग ना लुगड़ा पेरली हती, अने ह़ोनु, अने घणा मोगला मण्या अने मोती सी तीयार हयली हती, अने तीना हात मे एक ह़ोना नो कटोरो हतो जे ह़ीगी आवे एवी चीज सी अने तीना छीनाळा नी वीटाळन्याण चीज सी भरलो हतो। 5 तीना नींडाळा पोर आहयु नाम लीखलु हतु, "ह़तायलु मतलब आहयु मोट्लु बेबीलोन धरती नी छीनाळ्याण नी अने ह़ीगी आवे एवी चीज नी आय्ह।"
6 मे तीहयी बयर ने भगवान ना चोखला माणहु नु अने ईसु नी गवाय देण्या नु लोय पीवा सी छाकली देख्यो; अने जत्यार मे तीने देख्यो ता देखीन वहराय ज्यो। 7 ता तीहयो ह़रगदुत मने केदो, तु काहा वहराय र्यो? मे तीहयी बयर नु अने तीहयु जंगली जानवर नु, जीनी पोर तीहयी बह री अने जीना ह़ात मुंडा अने दह़ ह़ींगड़ा से, तीनु ह़तायलु मतलब मे तने देखाड़ु। 8 जे जंगली जानवर तु देखलो से, तीहयु पेले ते जीवत्लु हतु पण हाव नी हय, ते बी तीहयु पताळ खाडा मे गेथु नीकळहे तात खत्तम हय जहे; अने धरती पोर रेवा वाळा आखा माणहु जीमना नाम धरती बणली तीहयी टेमे गेथा जीवाय नी कीताप मे लीख्या नी, आहयु जंगली जानवर नी आहयी हालत देखीन के पेले हतु अने हाव नी हय अने अळतेण आय लागहे, तीने देखीन वहराय जहे।
9 आहयु ह़मजवा करीन एक ग्यानी मन नी जरवत से: तीहया ह़ातोव मुंडा ह़ात बड़ा से, अने तीहया ह़ात राजा बी से, जीमनी पोर तीहयी बयर बह री। 10 अने आमनी मे गेथा पांच ते पड़ जेला से, अने एक हजु बी राज कर र्यो, अने एक हजु तक आयो नी, अने जत्यार आवहे ता थोड़ीक वार तक तीहयो राज करहे। 11 जे जंगली जानवर पेले जीवत्लु हतु, अने हाव तीहयु जीवत्लु नी हय, तीहयो आंठवो राजो से, जे तीहयो आहया ह़ातोव माय्न एक से, जीनु खत्तम हयणु नख्खी से।
12 "जे दह़ ह़ींगड़ा तु देखलो तीहया दह़ राजा से जे हजु तक आह़फाम नु राज करवा सुरु नी कर्या, पण तीहयु जंगली जानवर नी ह़ाते थोड़ीक वार लग राजाम नी तेवो राज करवा नो हक जड़हे। 13 आहया आखा एक-मन्या हयहे, अने तीहया आह़फा-आह़फाम नी ताखत अने हक तीहया जंगली जानवर ने आपहे। 14 तीहया गाडरु ना वीरोद मे झुमायहे, पण गाडरु आह़फा ना टाळला अने भरहा नी लायक तीनी पसळ चालवा वाळा ने एक्ठा करीन तीमने हराय नाखहे, काहाके तीहयो मालीक नो मालीक अने राजा नो राजा से।"
15 अळतेण ह़रगदुत मने केदो, जे पाणी तु देख्यो, जीनी पोर छीनाळ बह री, तीहया जाती, माणहु, अने बोली से। 16 अने जे दह़ ह़ींगड़ा तु देख्यो, तीहया अने जंगली जानवर तीहयी छीनाळ सी दुस्मनी राखहे, अने तीनी पांह आखु कंय हापकीन नांगरली मेक जहे। अने तीहया तीनु माह खाय जहे, अने तीने आक्ठु मे धपाड़ देहे। 17 आह़फा नी आह पुरी करवा करीन भगवान तीहया आखा ने एक-मन्या करीन तीमना मन मे आहयु बहाड़ नाखलो से के तीहया जत्यार तक भगवान ना बोलु पुरा नी हय जाय तांह तक राज करवा नो आह़फा नो हक तीहयु जंगली जानवर ने ह़ोप देय। 18 "तीहयी बयर, जीने तु देखलो से, तीहयी मोट्लु ह़ेर से जे धरती ना राजा पोर राज करे।"