1 एतरे कदीम तमु मसी नी ह़ाते नवली जीवाय मे जीवाड़ला हय ता ह़रगे नी चीज ना ह़ोदवाळ्या रेवो, जा ह़ारीक मसी से, अने भगवान नी जमणी ह़ोड़ बह र्यो। 2 धरती पोर वाळी चीज नी, पण ह़रगे वाळी चीज पोर धीयान लगाड़ो। 3 काहाके तमु ते मर ज्या, अने तमारी जीवाय मसी नी ह़ाते भगवान मे ह़तायली से। 4 जत्यार मसी जे आपणी जीवाय से, उजन्तो हयहे, ता तमने बी तीनी ह़ाते बड़ाय भेळ उजन्ता करहे।
5 एतरे आपणा तीहया डील ना वाटा ने मार नाखो, जे धरती पोर से, मतलब छीनाळु, वीटळ, गलत काम, लालच, गलत वीच्यार ने जे मुर्ती नी पुजा बराबर से। 6 आमनात कारण सी भगवान नी रीह हुकम नी मानवा वाळा पोर आय पड़े। 7 अने तमु बी, आहया गलत कामु मे जीवाय जीवता हता ता आमनात अनसारे चालता हता।
8 पण हाव तमु बी आहयी आखी वात ने, मतलब रीह, ह़ीगी, वाक काडवा, अने वडवा आहयी आखी वात सोड़ देवो। 9 एक-बीजा ने झुट ना मेको, काहाके तमु जुन्ला माणहे ने तीनी आदत भेळ नीकाळ देदला से। 10 अने नवलु माणेह ने पेर लेदला से, जे आह़फा ना बणाव्वा वाळा ना सीका नी अनसारे अक्कल हात करवा करीन नवलु बणतु जतलु। 11 तीनी मे नी ते आड़जात्यो र्यो अने नी ते युहदी, नी ते खतना अने वण-खतना, नी ते जंगली, नी ते वण-अकल्यो नी ते चाकर्यो अने नी ते छुट्टो नीस्तो मसी आखु से अने आखा मे से।
12 एतरे भगवान ना टाळलान तेम जे चोखला अने मोंगाळ्ळा से, घण-जबर बरकत, अने भलाय, अने दया, अने नीचळा रेवा, अने गम खावा ह़ीको। 13 अने कदीम कोयने कोय पोर गुनो लगाड़वा नो कंय कारण हय, ता एक-बीजा नी वेठ लेवो, अने एक-बीजा नो गुनो माफ करो; जेम मालीक तमारा गुना ने माफ कर्यो, तेमेत तमु बी करो। 14 अने आहयी वात ने सोड़ीन मोंग ने मानो, मोंग आखा ने एक-बीजा सी बांदे अने पुरुन-पुरु करे? 15 मसी नी सांती जीनी जुगु तमने एक डील हय्न बोलावला बी से, तमारा मन मे राज करे; अने घणा वारु से केय एवा बणीन रेवो। 16 मसी ना बोल ने आह़फा ना मन मे पुरी रीती सी बहवा देवो, अने नामह़ाद्याण अक्कल भेळ एक-बीजा ने ह़ीकाड़ो अने चेतावो, अने आह़फा-आह़फाम ना मन मे घणो वारु से केता जाय्न भगवान जुगु भजन अने बड़ाय नु गीत अने आत्मीक गीत गावो। 17 भगवान ना बोल सी नीता काम सी जे कंय बी करो आखु मालीक ईसु नाम सी करो, अने तीनी लारे भगवान बाह ने घणो वारु से केवो।
18 ए लाड्या, जेम मालीक मे वारु से, तेमेत आह़फी-आह़फीम ना लाडा नी ह़ाते रेवो।
19 ए लाडा, आपणी-आपणी लाडी ह़ाते मोंग राखो, अने तीमनी ह़ाते वातड़ा ना रेवो।
20 ए सोरा, आखी वात मे आपणा-आपणा आय्ह-बाहाम ना हुकम मानो, काहाके मालीक आनीत सी खुस हये।
21 ए आय्ह-बाहा, आपणा-आपणा सोराम ने रीह ना लगाड़ो, आसम नी हय जाय के तीमनो आह टुट जाय।
22 ए चाकर्या, जे डील नी अनसारे तमारो मालीक से, आखी वात मे तीमना हुकम मानो, माणहु ने खुस करवा वाळान तेम देखावा करीन नी, पण मन नी सच्चाय सी अने भगवान नी बीक सी। 23 जे कंय तमु करो, खरला मन सी अने पुरो जीव अने डील लगाड़ीन करो, आहयु ह़मजीन के माणहु जुगु नी पण मालीक जुगु कर र्या। 24 काहाके तमु जाणो के तमने आनी बदले मालीक ने तां गेथु ईलाम ने तेवु चीज जड़हे; तमु मालीक मसी नी सेवा कर र्या। 25 काहाके जे गलत करे तीहयो तीना गलत काम नो फोळ हात करहे, काहाके भगवान कोयनो भेद-भाव नी करे।