1 मारु मन से के तमु जाण लेवो, के तमारी अने तीमनी जे लोदीकीया मे से, अने तीहया आखा जुगु जे मारो आहयी कळी मे नु मोडु नी देख्या मे केवी मेहनत करु। 2 के तीमना मन मे सांती रेय अने तीहया मोंग सी एक-बीजा हेळ-मेळीन रेय, अने तीहया पुरी ह़मज नु आखु धन हात करे, अने भगवान बाह नी ह़तायली वात मतलब मसी ने ओळखी लेय। 3 जीनी मे अक्कल अने ह़ीकापण ना आखा खजानु ह़तायला से।
4 आहयु मे आनीन करते केम के कोय माणेह तमने लालच्याण वात सी भटकाड़वा नी जोवे। 5 मे डील ना मान सी तमारी गेथो सेटो से, ते बी आत्मा ना मान सी तमारी ह़ाते से, अने तमारा कायदा नी अनसारे वेहवार अने तमारा भरहा नी जे मसी मे से टणकाय देखीन खुस हयु।
6 तमु जेम मसी ईसु ने मालीक करीन मान लेदला से, तेमेत तीनी मे बणीन रेवो, 7 अने तीनीत मे मुळ्यान तेम वातड़ा हयता अने बड़ता जावो; अने जेम तमने ह़ीकाड़ला से तेमेत भरहा मे वातड़ा हयता जावो, अने घण-जबर घणो वारु से केता रेवो।
8 चेतीन रेवो के कोय तमने तीहयी माणहु नी अक्कल सी अने रीकामा धोका नी लारे आह़फा ना हक मे नी कर लेय, जे माणहु नी रीती अने कळी नी सुरु वाळी ह़ीकापण नी अनसारे से, पण मसी नी अनसारे नी। 9 काहाके तीनी मे देवता नु आखु कंय जलम रेत्लु। 10 अने तमु तीनीत मे पुरान-पुरा हय जेला से जे आखा सी डायलो अने हक नो डायलो से।
11 तीनीत मे तमारु एवु खतनु हयलु से जे हात सी नी हये, पण मसी ना हात नु करलु से, जीनी सी आहयी कळी नु पापी डील उतार देय। 12 अने जत्यार तमु बपतीस्मा लेदा ता मसी ह़ाते गड़ाय ज्या, अने तीनीत मे भगवान नी ताखत पोर भरहो करीन, जे तीने मरला मे गेथो जीवाड़्यो, तीनीत ह़ाते जीव बी उठ्या। 13 तीहयो तमने बी, जे आह़फा ना गुना, अने आह़फा ना डील ना बीना खतना वाळा हाल मे मरला हता, तीनी ह़ाते जीवाड़्यो, अने अमारा आखा गुना ने माफ कर्यो, 14 तीहयो आमने गुनाळ्ळा ठेराव्वा वाळा कीताप्या ने खत्तम कर देदो, जे नेम-कायदा ना कारण सी अमारा वीरोद मे हता, अने तीहयो कुरुस पोर खुटा ठोकाड़ीन आखु मीटाड़ देदो। 15 अने तीहयो मुख्या ने अने अदीकार्या ने उपर गेथा उतारीन तीमनो उजन्तो तमासो बणायो अने कुरुस ना कारण तीमनी पोर जय-जयकार नी अवाज ह़मळाया।
16 करीन खावा-पीवा नीता तीवार नीता नवलो चांद नीता अराम ना बारा मे तमारो कोय बी फेसलो नी करवा जोवे। 17 काहाके आहयु आखु आव्वा वाळी वात नो साहळो से, पण आहयी आखी चीज मसी मे से। 18 कानु बी माणेह तमने ह़रगदुत नी पुंजा करीन तमने दवड़ ना ईलाम सी सेटो नी कर देय। एवु माणहे देखली वातु मे लाग रेय अने आह़फा नी आहयी कळी नी रीती नी ह़मज सी मोटाय करे। 19 अने तीहया मुख्या ने धरीन नी राखे जीनी सी आखु डील जोड़ अने नेहटा नी लारे पळाय पोहाय्न अने एकठा हय्न, भगवान भणी गेथी बड़ती जाय।
20 काहाके तमु मसी नी ह़ाते मर जेला से, अने तमने कळी नी सुरु नी ह़ीकापण सी छुटकारो जड़ जेलो से, ता अळतेण काहा तीमनीन तेम जे कळी ना से जीवाय जीव र्या? अने एवा कायदा ना हक मे ह़ुका री र्या? 21 के "आहयु नी छीमजो तीने नी चाखजो अने तीने हात नी लगाड़जो?" 22 आहयी आखी चीज कामे लावता-लावता खत्तम हय जहे काहाके आहयु माणहु ना हुकम अने ह़ीकापण नी अनसारे से। 23 आहया कायदा मे आह़फा नी मरजी नी अनसारे बणावली भक्ती नी रीती, अने भोळाय, अने आहयी कळी नी कोसीत ना भाव सी अक्कल नु नाम ते से, पण आहयी कळी नी लालच ने रोकवा मे आमनी सी कंय बी फायदो नी हये।