1 आहयी वात फोम राखजे के आखरी दाड़ा मे काठी टेम आवहे। 2 तत्यार माणेह, लालच्यो, अने ह़ोवकारलो, मोटाय करन्यो, अने वाक काडण्यो, अने आय्ह-बाहा ना हुकम नी मानन्यो, एसान भुलवा वाळो, अने वीटळ्ळ। 3 अने मोंग नी करवा वाळो, अने माफी नी करवा वाळो, अने चुगली करन्या, गम नी राखवा वाळा, जे बी भलु से, तीनो वीरोद करन्या, 4 धोको देण्या, हेटाळ्ळा, अने आह़फाम नीत बड़ाय करन्या बण जहे। अने तीहया भगवान ने पुजण्या नी, पण मजा लेवा नी हेर करन्या बण जहे। 5 तीहया भक्ती करवा ना ढोंगड़ा ते करहे, पण तीनी सक्ती ने नी माने। एवा माणहु गेथो सेटो रेजे। 6 आमनी मे एवा माणहु बी से, जे बीजा ना घोरु मे होगात भराय जाय, अने कमजोर बयरा ने पटाय लेय, जे बयरा पेले गेथात आखी वात मे घणा हयाळ्ळा से, अने पाप ना बोजा मे डबायला से। 7 अने सदा ह़ीकती ते रेय, पण सच्चाय ने कदी ओळखी नी सके। 8 जेम यन्नेस अने यम्ब्रेस मुसा नो वीरोद करला हता, तेमेत आहया बी सच्चाय नो वीरोद करे; आहया एवा माणहु से, जीमनी अक्कल बगड़ी जेली से, अने तीहया भरहा मे काचा से। 9 पण हाव तीहया अगा अळी कंय नी कर सके, काहाके तीमनी धोको देण्याण रीकामी वात आखा माणहु मे उजन्ती हय जेली हती, तेमेत आमनी बी हय जहे।
10 पण तु ह़ीकापण, चाल-चलण, आह, भरहो, धीरज, मोंग, गम आहयी आखी वात वारु रीते जाणे। 11 अने एवा दुख मे बी जे अंताकीया ह़ेर मे अने ईकुनीयुम ह़ेर मे, अने लुस्तरा ह़ेर मे, मार पोर आय पड़ला, अने बीजा दुख मे बी जे मे झेल्यो, पण हाव मालीक मने तीहया आखा दुख मे गेथो सोड़ाय लेदो। 12 पण जेतरा बी ईसु मसी मे भक्ती करता जाय्न जीव्वा हींडे, तीमने आखा ने दुख झेलवा पड़हे। 13 पण खोटला माणहु बीजा ने धोको देता जहे, अने धोको खाता जहे, अने अगा बगड़ता जहे। 14 पण तु आहयी आखी वात पोर जे तु ह़ीकलो से, अने पक्को भरहो बी करलो से, आहयु जाणीन वातड़ो रे; के तु आने काना माणहु सी ह़ीकलो से। 15 तु नान्लो हतो तां गेथोत खरली सास्तर नी वात ह़ीकतो आय र्यो, जे तने ईसु मसी पोर भरहो करवा सी छुटकारो हात करीन अक्कल वाळो बणाय देहे। 16 आखी खरली सास्तर भगवान नी अगवाय सीत लीखली से, अने आहयी खरली सास्तर माणहु ने ह़ीकाड़वा, ह़ुदारवा, अने धरम नी ह़ीकापण जुगु फायदा वाळी से। 17 काहाके भगवान नी सेवा करन्यो माणेह पुरी रीती सी नामह़ाद्यो बणे, अने आखा भला काम करवा करीन तीयार हय जाय।