1 एतरे ए मारा बेटा तीमुथीयुस, तीहयी दया सी जे मालीक ईसु मे से, टणको हय जा। 2 अने तु मारी पांह गेथी जे-जे वात, ढेरेत गवा देण्या अगळ ह़मळीन ह़ीकलो, तीहयी आखी वात ईमानदार माणहु ने ह़ोप देदो, जे बीजा माणहु ने ह़ीकाड़वा मे हुनर वाळा से।
3 एक वारलु सीपायड़ुन तेम, तु बी ईसु मसी जुगु दुख झेलवा मे मारो साजल्यो बण। 4 जत्यार कानु बी सीपायड़ु झुमायवा करीन जाय, ता तीहयो जे तीने भरती करे, तीने खुस करवा करीन आह़फा ने आहया कळी ना कामु मे नी फसाड़े। 5 पण जे खेल मे जखड़ी पड़े, अने कायदा नी रीते नी जखड़ी पड़े, ता तीने ईलाम नी जड़े। 6 जे कीरसाण काठी मेहनत करे, तीनेत फोळ नो पेल्नो वाटो जड़वा जोवे। 7 जे मे केम तीनी पोर धीयान दे, अने मालीक तने आहयी आखी वात मे ह़मज आपहे।
8 ईसु मसी ने फोम राखतो रे, जे दावुद राजा ना घोराणा मे पयदा हयो, अने मर्या-ह़र्या मे गेथो पासो जीवतो हय ज्यो। अने आहयु मारी खुस-खबर नी अनसारे से। 9 जीनी करते मे दुख झेलु; आञे तक के, एक गुनो करन्यान तेम जेल मे कुंडाय बी र्यो। पण भगवान नो बोल बंदायलो नी हय। 10 मे ते भगवान ना टाळला आखा माणहु नी करते आखा दुख वेठ लेम, के तीहया बी तीहया छुटकारा ने जे मसी ईसु मे से अमरकाय बड़ाय भेळ हात करे। 11 आहयी वात ते ह़ाचली से,
के कदीम आपणु तीनी ह़ाते मरी बी ज्या,
ता तीनी ह़ाते जीवहु बी।
12 कदीम आपणु गम खाय्न दुख झेलहु, ता ह़रग मे
तीनी ह़ाते राज बी करहु;
अने कदीम आपणु तीनो नीकारो करहु, ता तीहयो बी
आपणो नीकारो करहे;
13 कदीम आपणु धोको देवा वाळा हय,
ते बी तीहयो भरहो करे एवोत रेहे,
काहाके तीहयो आह़फा नो नीकारो नी कर सके।
14 आहयी आखी वात फोम करावतो रे, अने आखा ने मालीक अगळ चेतावतो रे, के रीकामी बोलु नी लेदे, जखड़ी नी पड़जो; जीनी सी कंय फायदो नी हये पण ह़मळवा वाळा बगड़ जाय। 15 तु आह़फा ने भगवान ने मानवा वाळो अने काम करवा मे सरमायण्यो नी रेवा जोवे; अने जे भगवान ना सच्चाय ना बोलु वारु रीते काम मे लावे। 16 पण वीटळ्ळी एवी अने रीकामी वात सी सेटो रे, काहाके एवा माणहु अळी बी भगवान नी भक्ती गेथा सेटा हयता जहे, अने बड़ता जहे। 17 एवा माणहु नी ह़ीकापण ह़ड़ला घाव ने तेम डील मे बड़ती जहे, जेम हुमीनयुस अने फीलेतुस बी तीमनीत मे ना से। 18 जे कोय आहयु केय के मर्या-ह़र्या मे गेथा पासा जीवता हयवा नु हय जेलु से, ता तीहया भरहा सी भटक जेला से, अने काय केतरा माणहु ना भरहा ने तीतर-बीतर कर देय। 19 ते बी भगवान नी पक्की नीव वारु जमली रेय, अने तीनी पोर आहयो छाप लाग र्यो; के "मालीक आह़फा ना माणहु ने ओळखे" अने "जे कोय मालीक नु नाम लेय, तीहयो वण-धरम सी बचलो रेय।"
20 मोटा माणहु ना घोर मे ह़ोना-चांदी ना एतरात नी, पण लाकड़ा ना अने कादा ना बी रेय; अने काना ठाहरा खास काम ना रेय अने काना कम काम ना रेय। 21 कदीम कोय आह़फा ने आमनी सी चोखो करहे, ता तीहयु ईज्जत करे एवु अने चोखलु ठाहरु ठेरहे; अने मालीक ना कामे आवहे, अने आखा भला काम नी लेदे तीयार करलु केवायहे। 22 जुवानी नी आखी भात-भाती नी गलत वात-वीच्यार सी सेटो रे, अने जे चोखला मन सी मालीक नु नाम लेय, तीमनी ह़ाते धरम, अने भरहा, अने मोंग, सांती नी पसळ पड़। 23 पण रीकामी अने गलत वात नी जखड़ी गेथो सेटो रे। काहाके तु जाणे के आहयी आखी वात सी झगड़ा पयदा हये। 24 मालीक ना चाकर्या झगड़ो करन्या नी रेवा जोवे, पण आखा पोर दया करीन आखा ह़ाते भोळो, गम राखण्यो, अने वारु ह़ीकाड़वा वाळो रेवा जोवे। 25 अने वीरोदी माणहु ने मोंग सी ह़ीकाड़वा जोवे, कंय माय्न भगवान तीमने बी मन फीराव्वा नु मन कर देय, अने तीहया बी सच्चाय ने ओळखे। 26 अने तत्यार तीमनी ह़ान आय जहे, अने भुतड़ा नी फंदा मे गेथा छुट जहे, जे आह़फा नी मरजी पुरी करवा करीन बांदीन राख र्यो।