1 पोलुस भणी गेथी जे तीहयी जीवाय ना वायदा ना अनसारे जे मालीक ईसु मे से, भगवान नी मरजी सी मसी ईसु नो नेवताळो से।
2 मोंगाळ्ळा सोरा तीमुथीयुस ना नामे। भगवान बाह अने मालीक मसी ईसु नी तने दया संयबरकत अने सांती जड़ती रेय।
3 जे भगवान नी सेवा मे आपणा डाहा-डाहा नी रीती पोर चोखला मन सी करु, तीहया भगवान ने घणो वारु केम के आपणी वीन्ती मे तने रात-दाड़ो तने भेट करवा नी फोम करतो रेम। 4 अने तारा आंहवा नी फोम करतो जाय्न तने भेटवा नी हेर करु अने घण-जबर खुस हय जाम लागे। 5 तने तारा तीहया वण-गुनाळ्ळा भरहा नी फोम आवे। जे तारी डाय्ली आय्ह लेयीस मे हतो। अने तारी आय्ह युनीके मे बी हतो। ह़ाचलीन, हाव आहयोत तारी मे बी से। 6 एतरे मे तने फोम करावु, मे तारी पोर हात मेल्लो तीहयी टेमे भगवान पांह गेथो तने जे ईलाम जड़लो से, तीने पासो उजन्तो कर दे। 7 काहाके भगवान आपणु ने बीक नी आत्मा नी, पण ताखत, अने मोंग, अने गम नी आत्मा आपलो से।
8 एतरे आपणा मालीक नी गवाय सी, अने मे कुंडाय र्यो, करीन ना लजवाये, पण भगवान ना जोर ना अनसारे खुस-खबर नी लेदे मारी ह़ाते दुख झेल। 9 जे अमारो छुटकारो कर्यो, अने चोखला बोलाव्वा सी बोलायो, अने आपणा काम नी अनसारे नी, पण आह़फा नी मरजी अने दया नी अनसारे से मसी ईसु मे कळ घड़ायवा नी पेले गेथीत अमारी पोर हयो। 10 अने हाव आपणु ने सोड़ाव्वा वाळा ईसु मसी ने उजन्तो हयवा नी लारे वीजाळा मे हयो, जे मोत ने खत्तम कर्यो, अने जीवाय अने अमरकाय ने तीहयी खुस-खबर नी लारे उजन्ती कर देदलो से।
11 जीनी जुगु मे परच्यार करन्यो, नेवताळो, अने ह़ीकाड़वा वाळो बण्यो। 12 आनीन करीन मे आहया दुख ने बी वेठतो आय र्यो, अने नी लजवातो, काहाके मे जीनी पोर भरहो करु, तीने जाणु, अने मने पक्कु मालम से, के तीहयो मारा वाटा नी तीहया दाड़े लग रखवाळी करहे, 13 जे खरली वात तु मारी लारे ह़मळलो से, तीमने तीहया भरहा अने मोंग नी ह़ाते जे ईसु मसी मे दाखलो बणावीन राख। 14 जे चोखली आत्मा आपणी मे रेय, तीहयी चोखली आत्मा नी मदत सी, वारली ह़ीकापण ने वारलु खजानु ह़मजीन आनी रखवाळी कर।
15 तने ते मालम से के आसीया देस वाळा, आखा मारी ह़ात-ह़ंगात सोड़ देदा; अने फुगीलुस अने हीरमुगीनेस बी जत र्या। 16 उनेसीफुरुस ना घोरल्या पोर मालीक दया करे, काहाके तीहयो काय केतरी कावा मारा जीव ने ठंडो कर्यो, अने मे जेल मे से करीन नी लजवायो। 17 पण जत्यार तीहयो रोम ह़ेर मे आयो, ता तीहयो मने भेटवा करीन काळ्जी करीन ह़ोद्यो अने भेट्यो। 18 मालीक करे, के तीहया दाड़े तीनी पोर मालीक नी दया हये। अने जे-जे सेवा तीहयो ईफीसुस ह़ेर मे करलो से तीमने बी तु वारु रीती सी जाणे।