1 अने अळतेण मने मापवा करीन एक ह़ोटी आप्यो, अने एक जणो केदो, "उठ, भगवान ना मंदीर अने वेदी ने माप ले, अने तीनी मे भक्ती करवा वाळा नी गीनती कर ले। 2 पण मंदीर नु बारलु आंगणु रेवा दे; तीने ना मापे काहाके तीहयु आड़जात्या माणहु ने आप मेक्यु, अने तीहयु चोखलु ह़ेर ने चाळीह़ ने बे मयना तक पोगु तळे रोंदळहे। 3 अने मे मारा बे गवा ने पुरो हक आपही के तीहया एक हजार बे ह़ो साट दाड़ा तक भगवान वगे गेथी वात केहे अने तीहया ठेला ह़रका लुगड़ा पेरहे।"
4 आहया तीहयात बे जेतुन ना झाड़ अने दीवा मेलवा ना खुटा से, जे धरती ना मालीक अगळ उबा हय रेत्ला। 5 कदीम कोय तीमनु नुकसान करवा हींडे, ता तीमना मोडा मे गेथु आक्ठु नीकळीन तीमना वेरी ने रोखड़ो बणाय देय; अने कदीम कोय तीमनु नुकसान करवा हींडे, ता ह़ाचलीन आहयीत रीते मार देहे। 6 तीमनी पांह हक से के वादळु ने बंद करे, के तीमनी भगवान वगे गेथी वात केवा ना दाड़ा मे पाणी नी पड़े; अने तीमने आखा पाणी ना झोर पोर हक से के तीहया तीमने लोय मे बदले, अने तीमनी पांह आहयो बी हक से के जत्यार तीमनु मन हये तत्यार तीहया धरती पोर आखी भाती नी गरा लावे।
7 जत्यार तीहया तीमनी गवाय दी देहे, ता तीहयु जंगली जानवर जे पताळ खाडा मे गेथु नीकळहे, तीमनी ह़ाते झुमाय्न तीमने हराय्न तीमने मार नाखहे। 8 अने तीमना धोड़ तीहया मोट्ला ह़ेर ना चोवराया पोर पड़ रेहे, आहयु ह़ेर सेलाणी ना रुप सी सदोम अने मीस्र केवाये, आञेत ह़ारीक तीमना मालीक ने बी कुरुस पोर चड़ावीन मारला हता। 9 अने आखा देस अने आखी बोली वाळा अने आखी जाती ना माणहु तीमना धोड़ ने साड़ी तीन दाड़ा तक देखता रेहे, अने तीमना धोड़ु ने मड़ाट्या मे कोयने नी वगे करवा देय। 10 धरती पोर रेवा वाळा तीहया मर ज्या करीन घण-जबर खुस हयहे, अने एक बीजान तां भेट ली मोकलहे, काहाके आहया बेम भगवान वगे गेथा केण्या माणहु धरती पोर वाळा माणहु ने घण-जबर वेला पाड़ला। 11 पण साड़ी तीन दाड़ान बाद भगवान ने तां गेथी जीवाय नी ह़ाह़ तीमनी मे आय लागी, अने तीहया उबा हय ज्या, अने तीमने देखवा वाळा घण-जबर बीह ज्या। 12 ता तीहया बे भगवान वगे गेथा केण्या माणहु ने एक ह़रगे गेथो मोट्लो बोल ह़मळायो, "आञे उपर आवती रेवो!" आहयु ह़मळीन तीहया वादळु पोर बहीन उपर जत र्या अने तीमने उपर जते तीमना वेरी बी देख्या। 13 ता तीहयीत टेमे एक मोट्लो भुकम्प आयो, अने ह़ेर नो दसवो वाटो ओदर ज्यो; अने तीहया भुकम्प सी ह़ात हजार माणहु मर ज्या, अने जे बच ज्या तीहया आखा बीही ज्या अने ह़रग वाळा भगवान ने घणो वारु कीन बड़ाय करवा बाज ज्या।
14 बीजी गरा जत री, अने देखो, तीसरी गरा सोटीत आव्वा वाळी से।
15 जत्यार ह़ातवो ह़रगदुत तीनु फेपार्यु वगाड़्यो, ता वादळा मे घणी जबर अवाज हयवा बाज ज्यी, अने तीहयी केती हती: "हाव कळी पोर राज करवा नी ताखत अमारा मालीक पांह से। अने तीहया मसी मे से, अने तीहयोत जलमको राज करहे!" 16 ता वीह़ ने च्यारोव डायला जे भगवान अगळ आह़फा-आह़फाम नी राजगादी पोर बह र्या हता, मोडा ना भरहे पड़ीन भगवान नी बड़ाय कर्या, 17 अने आहयु केवा बाज ज्या,
"जोरभर्या मालीक भगवान, जे से अने जे हतो,
आमु तने घणो वारु से कीया के तु
तारी मोट्ली ताखत सी राज करवा सुरु करलो से।
18 आखी जाती ना माणहु रीह कर्या,
पण तारी रीह आय लागी,
अने तीहयी टेम आय लागी के मरला नो नीयाव करे,
अने तारा चाकर्या भगवान वगे गेथा केण्या माणहु अने
भगवान ना चोखला माणहु ने
अने तीहया नान्ला-मोट्ला ने जे तारा नाम सी बीहे ईलाम आपे,
अने जे धरती ने खत्तम कर र्या तीमने खत्तम करे!"
19 ता जे भगवान नो मंदीर ह़रग मे से, तीने उगड़्या, अने तीहया मंदीर मे तीना वायदा नु पेटारु देखाव पड़्यु; अने वीजळी अने अवाज अने वादळु नी गाज अने भुकम्प हया अने मोट्ला गारा पड़्या।