1 अळतेण मे देख्यो के गाडरु तीहया ह़ात सीलटप्पा मे गेथो एक उगाड़्यो; अने तीहया च्यारोव जीव माय्न एक नो वादळु नी गाज ह़रको बोल ह़मळ्यो, "आव!" 2 मे भाळ्यो, अने देख्यो, के एक धोळ्ळो घोड़ो से, अने तीनी पोर बहण्यो धंदली लीन से; अने तीने एक पागड़ी आप्या, अने तीहयो जीकतो जाय्न नीकळ्यो, के तीहयो अळी जीक हात करे।
3 अने गाडरु बीजो सीलटप्पो उगड़्यो, ता मे बीजा जीव ने आहयु केते ह़मळ्यो, "आव!" 4 अने अळतेण एक अळी घोड़ो नीकळ्यो जे रात्ला रंग नो हतो; तीनी पोर बहण्या ने आहयी हीम्मत आप्यो के धरती पोर गेथो मेळ अने सांती हापकी लेय, काहाके माणहु एक-बीजा ने मारे; अने तीने एक मोट्ली तलवार आप्यो।
5 जत्यार तीहयो तीसरो सीलटप्पो उगाड़्यो, ता मे तीसरा जीव ने आहयु केते ह़मळ्यो, "आव!" मे भाळ्यो, अने देख्यो, एक काळ्ळो घोड़ो से, अने तीनी पोर बहण्या ना हात मे एक ताकड़ी से। 6 तात मे तीहया च्यारोव जीव नी वच मे गेथो एक आहयो बोल केते ह़मळ्यो, जे केवा बाज र्यो हतो, "एक दाड़ा नी दाड़की ना बदले एक दाड़ा ना खावा ना गम अने एक दाड़ा नी दाड़की ना बदले तीन दाड़ा लग खावा नी जुवार। पण जेतुन नु तेल, अने अंगुर ना रोह नु नुकसान नी करजो।"
7 जत्यार तीहयो चोवथो टप्पो उगाड़्यो, ता मे चोवथा जीव ने आहयो बोल केते ह़मळ्यो, "आव!" 8 मे भाळ्यो, अने देख्यो, एक पीळ्ळो घोड़ो से; अने तीनी पोर बहण्या नु नाम मोत से, अने पताळ तीनी पसळ-पसळ से; अने तीने धरती ना एक चोवथा खुणा पोर हक आप्यो के झगड़ो, अने काळ, मंदवाड़, अने जंगली-जंगली जानवरु नी लारे माणहु ने मार नाखे।
9 जत्यार तीहयो पांचवो सीलटप्पो उगाड़्यो, ता मे वेदी नी तळे तीमना जीव ने देख्यो, जे भगवान ना बोलु ने परच्यार करवा ना कारण अने तीना बारा मे गवाय देवा ना कारण सी मार नाखला हता। 10 तीहया उचा बोलु सी आड़ीन केदा, "ए मालीक, ए चोखला अने खरला; तु कारु तक तु धरती पोर वाळा माणहु नो नीयाव नी करे? अने आमने मारवा वाळा ने कारु तक सजा नी आपे?" 11 तीमनी माय्न आखा ने धोळ्ला लुगड़ा आप्या, अने तीमने केदो के अळी थोड़ीक वार अराम करो, जत्यार तक के तमारा ह़ाती चाकर्या अने भरहो करन्या भायु नी मरवा नी गीनती पुरी नी हय जाय, तीमनी बी तेमेत हत्या हयवा वाळी से जेम तमारी करला हता।
12 जत्यार गाडरु छटवो सीलटप्पो उगाड़्यो, ता मे देख्यो के एक मोट्लो भुकम्प आयो, अने दाहड़ु चादरुन तेम काळु अने पुरो चांद लोय ने तेवो हय ज्यो। 13 वादळा मे ना तारा धरती पोर आसम पड़वा बाज ज्या जेम मोट्ली आंजी आवेन अने हीलीन गुलर ना काचलात फोळ धरती पोर पड़ जाय। 14 वादळु फाटीन आसम हय ज्यु जेम चामड़ा नी कीताप फाटीन एकठी हय जाय, अने एक-एक टापु तीमना जागा गेथा ह़रकी ज्या। 15 ता धरती पोर वाळो राजो, अने पुडार्या, अने मुख्या, अने मालदार अने जोरभर्या माणहु, अने एक-एक चाकर्या अने एक-एक छुटला माणहु गुफा मे अने बड़ा ना दगड़ा मे जाय्न ह़ताय ज्या, 16 अने बड़ा अने चाफर्या ने केवा बाज ज्या, "अमारी पोर पड़ जावो; अने आमने तीनी सी जे राजगादी पोर बह र्यो, अने गाडरु नी रीह सी ह़ताड़ लेवो। 17 काहाके तीमनी घण-जबर रीह नो दाड़ो आय लागलो से, अने एवु कोय से जे आनी अगळ टेक सकहे?"