1 आह़फा ना राज ना बीजा साल मे नबुकदनेस्सर एवु ह़पनु देख्यो जीनी सी तीनु मन घणु दुखी हय ज्यु अने तीने नींदर नी आयी। 2 तत्यार राजो हुकम आप्यो, के जानकारु, बड़वा, जादु-टोना करन्या अने कसदी महाराजु ने बोलावे के राजा ने तीनु ह़पनु नु मतलब देखाड़े; करीन तीहया आया अने राजा अगळ हजुर हया। 3 तत्यार राजा तीमने केदो, "मे एक ह़पनु देखलो से, अने मारु मन दुखी से के ह़पनु ने कीकम ह़मजु।"
4 तत्यार कसदी माणहु, राजा ने अरामी भासा मे केदा, "ए राजा, तु हमेसा जीवतो रेय! आह़फा ना चाकर्याम ने ह़पनु देखाड़, अने आमु तीनु मतलब देखाड़हु।" 5 राजा कसदी माणहु ने जपाप आप्यो, "मे आहयो हुकम आप देदलो से के कदीम तमु मारा ह़पना नु मतलब नी देखाड़ो ता तमु पक्का जाण लेवो के तमारा टुकड़ा-टुकड़ा कर देहे, अने तमारा घोरु उजाड़ देहे। 6 पण कदीम तमु ह़पनु ने मतलब भेळ देखाड़ देवो ता मारी पांह गेथा भाती-भाती ना भेट, ईलाम अने घणी जादा ईज्जत जड़हे। करीन तमु मने ह़पनु अने तीनु मतलब देखाड़ो।"
7 तीहया बीजी काव केदा, "ए राजा, ह़पनु तारा चाकर्याम ने देखाड़, अने आमु तीनु मतलब ह़मजाड़ देहु।"
8 राजा जपाप आप्यो, "मे पक्को जाणु के तमु आहयी वात टेम पुरी करवा करीनेत की र्या; काहाके तमु जाणो के मारो आहयो वायदो टळ नी सके। 9 करीन कदीम तमु मारु ह़पनु मने नी देखाड़ो, ता तमारी जुगु मोत नो डंड पक्को से। तमु एक-बीजा नी ह़ाते आहयी वात मे एक-मन्या हय जेला से के तीहयी टेम लग तमु मने झुट मेको, जत्यार लग मारो धीयान सेटो नी हय जाय। करीन हाव साटात मारु ह़पनु देखाड़ो जीनी सी मने मालम हय के तमु मने तीनु मतलब बी देखाड़ सको।"
10 कसदी महाराज माणहु राजा ने केदा, "आखी धरती पोर एवु कोय माणेह नी हय जे राजा ना मन नी वात ने देखाड़ सके; अने नी कोय एवो राजा, नी ते मुख्यो, नी ते अदीकारी हयो जे काना जानकारु, बड़वा अने कसदी महाराज ने आसवी वात पुछ्यो हय। 11 जे वात राजो आमने पुछ र्यो, तीहयी काठी से, अने देवता एतरात राजा ने तीनु ह़पनु देखाड़ सके। पण देवता ते माणहु नी वचे नी रेय।"
12 आहयी वात पोर राजा नराज हय्न, अने घणो खीजवाय्न, बेबीलोन ना आखा जानकारु ने मारवा नो हुकम आप देदो। 13 आहयो राजा नो हुकम पुरा देस मे पुगाड़ दे दो के राजा ना आखा जानकारुम ने मार नाखो। करीन सीपायड़ा दानीयल अने तीना ह़ातीम ने ह़ोदवा बाज र्या हता।
14 तत्यार दानीयल सीपायड़ा ना मुख्या अर्योक ने, जे बेबीलोन ना जानकारु ने मारवा करीन आवलो हतो, तीनी ह़ाते सोची-समजीन अने अक्कल सी वात कर्यो। 15 अने दानीयल राजा ना मुख्या अर्योक ने पुसवा बाज ज्यो, "आहयो काठो हुकम राजा भणी गेथो एतरो उतवाळ्यो ह़ुका नीकळ्यो?" तत्यार अर्योक दानीयल ने आनो कारण देखाड़ देदो।
16 तत्यार दानीयल राजा ना राजवाड़ा मे ज्यो, अने राजा पांह रावण्या कर्यो, के तीनी जुगु कोय पक्की टेम ठेरावे, काहाके तीहयो राजा ना ह़पना नु मतलब देखाड़ सके।
17 तत्यार दानीयल आह़फा ना घोर जीन, आह़फा ना ह़ाती हनन्याह, मीसायेल, अने अजर्याह ने आहयी वात देखाड़्यो, 18 आहयी ह़तायली वात ना बारा मे ह़रग ना भगवान नी दया नी लेदे आहयु कीन वीन्ता करो, के बेबीलोन ना अने आखा जानकारुम नी ह़ाते, दानीयल अने तीना ह़ातीम ने बी खत्तम नी करे। 19 तत्यार तीहयी ह़तायली वात दानीयल ने रात नी टेमे दरसन नी लारे उजन्ती हयी। तत्यार दानीयल ह़रग ना भगवान ने आहयु कीन तु घणो वारु से केदो, 20 "भगवान नु नाम जलमकु जुगाळु से; काहाके अक्कल अने सक्ती तीनीत से। 21 तीहयोत से जे टेम अने सीजन ने बदले; तीहयो राजाम ने गादी पोर गेथा सेटा करीन बीजाम ने गादी पोर बहाड़े; अक्कल वाळा ने अक्कल अने ह़मजवाळा ने ह़मज आपे। 22 भगवानेत ढकायली अने ह़तायली वात ने उजन्ती करे; तीहयो अंदारला मे ह़तायली वात ने जाणे, अने तीनी ह़ाते वीजाळु से। 23 ए मारा आड़ा-बुड़ा ना भगवान, में तने जुगाळो से केम अने तारी भक्ती करु, काहाके तु मने अक्कल अने सक्ती आपलो से, अने जे ह़तायली वात ने आमु उजन्ती हयवा करीन देखाड़वा केदला, तीने तु मारी पोर उजन्ती करलो से, तु आमने राजा नी वात देखाड़लो से।"
24 तत्यार दानीयल अर्योक ने तां मोय ज्यो, जीने राजो बेबीलोन ना जानकारु ने मारवा करीन ठेरावलो हतो तीने केदो, "बेबीलोन ना जानकारुम ने ना मारे, मने राजा नी अगळ लीन चाल, मे ह़पना नु मतलब देखाड़ही।"
25 तत्यार अर्योक दानीयल ने राजा नी अगळ साटोत मोय ली जाय्न तीने केदो, "यहुदी केदड़ा मे गेथो एक माणेह मने जड़लो से, जे राजा ना ह़पना नु मतलब देखाड़हे।"
26 राजा, दानीयल ने, जीनु नाम बेलतसस्सर बी हतु, पुछ्यो, "ह़ु तारी मे एतरी सक्ती से के जे ह़पनु मे देखलो से, तीने मतलब भेळ मने देखाड़े?" 27 दानीयल राजा ने जपाप आप्यो, "जे ह़तायली वात राजो पुछ र्यो, तीहयी वात ने नी ते महाराज, नी ते जादु-टोना करन्यो, नी ते जानकार, नी ते ह़ारो देखवा वाळो देखाड़ सके, 28 पण ह़तायली वातु ने देखाड़वा वाळो भगवान ह़रग मे से; अने तीहयोत नबुकदनेस्सर राजा ने देखाड़लो से के आव्वा वाळा दाड़ा मे ह़ु-ह़ु हयवा वाळु से। तारु ह़पनु अने जे कंय तु खाट्लु पोर ह़ुवतो जीन देख्यो, तीहयु आहयु से:
29 "ए राजा, जत्यार तने खाट्ला पोर ह़ुवतो जीन आहयो वीच्यार आयो के आहयी जीवाय मे ह़ु-ह़ु हयवा वाळु से, तत्यार ह़तायली वात ने उजन्ती करवा वाळो तने देखाड़्यो के ह़ु-ह़ु हयवा वाळु से। 30 मारी पोर आहयी ह़तायली वात आहया कारण नी उजन्ती हयी के मे अळी बीजा जीवत्ला माणहु गेथो जादा अक्कल वाळो से, पण आहयात कारण सी उजन्ती हयली से के ह़पना नु मतलब राजा ने देखाड़ सकु, अने तु आह़फा ना मन ना वीच्यार ह़मज सके।
31 "ए राजा, जत्यार तु देखवा बाज र्यो हतो, तत्यार तने एक मोट्ली मुर्ती देखाव पड़ी, अने तीहयी मुर्ती जे तारी ह़ामने उबी हती, तीहयी नाम्बी चवड़ी हती; अने घणी पपलवा बाज री हती, अने तीनो रुप जुदोत हतो। 32 तीहयी मुर्ती नु मुंडु चोखलु ह़ोनु नु हतु, तीनी छाती अने हातु चांदी ना हता, तीनु पेट अने ह़ातळ्या पीतळ ना हता, 33 तीना पोग लुहड़ा ना अने तीना पोगु थोड़ाक ते लुहड़ा ना अने थोड़ाक कादा ना हता। 34 अळतेण देखते-देखते, तु ह़ु देख्यो, के एक दगड़ो, कोय बी खोद्या वगर, आह़फोत उखड़ीन तीहयी मुर्ती ना पोगु पोर पड़ीन जे लुहड़ा ना अने कादा ना हता, तीमने चुरा-चुरा कर नाख्यो। 35 तत्यार लुहड़ु, कादु, पीतळ, चांदी अने ह़ोनु बी आखु चुरा-चुरा हय ज्यु, अने उनाळा मे ना खळा ना भुसान तेम वाहळा मे आसम उड ज्या के तीमनो कंय पतो नी लाग्यो; अने जे दगड़ो मुर्ती ने लागलो हतो, तीहयो मोट्लो बड़ो बणीन आखी कळी मे फेल ज्यो।
36 "ह़पनु ते आहयुत से; अने हाव आपणु तीनु मतलब राजा ने ह़मजाड़ दीया। 37 ए राजा, तु ते राजाम नो राजा से, काहाके ह़रग नो भगवान तने राज्य, घणी जुदी सक्ती, ताखत अने बड़ाय आपलो से, 38 भगवान तारा हात मे धरती पोर ना आखा माणहु, जानवरु अने चड़ा ह़ोपलो से। अने तने तीमनो आखाम नो अदीकारी ठेरावलो से। आहयु ह़ोना नु मुंडु तुत से। 39 तारीन अळतेण एक राज्य अळी उबजहे जे तारी गेथु नानु रेहे; अळतेण एक अळी तीसरु पीतळ ने तेवु राज्य उबजहे जे आखी धरती पोर राज करहे। 40 चोवथु राज्य लुहड़ान तेम मजबुत रेहे; जीसम लुहड़ु आखी चीज ने चुरा-चुरा कर नाखे, अने दळ देय; तेमेत आहयु राज्य आहया आखाम ने टुकड़ा-टुकड़ा करहे अने दळ देहे। 41 ए राजा, जीसम के तु मुर्ती ना पोगु अने तीमना आंगळ्या ने देख्यो जे थोड़ीक कुमार ना कादा नी अने थोड़ीक लुहड़ा नी बणली हती। आहयी रीते आहयु चोवथु राज्य अलग-अलग वटायलु रेहे। जीसम तु देखलो के लुहड़ा मे चीकणलु कादु भेसकायलु हतु, तेमेत तीनी मे बी लुहड़ान तेम मजबुती रेहे। 42 जीसम पोगु ना आंगळ्या थोड़ाक ते लुहड़ा ना हता अने थोड़ाक कादा ना हता, आनु मतलब आहयु से, के तीहयु राज्य थोड़ुक ते मजबुत अने थोड़ुक कमजोर हयहे। 43 तु जे लुहड़ु ने कुमार ना कादा नी ह़ाते भेसकायलु देख्यो, आनु मतलब आहयु से, के तीहया राज्य ना माणहु एक बीजा माणहु मे रेहे, पण जीसम लुहड़ु कादा ह़ाते मेळ नी खाय, तेमेत तीहया बी एक बणीन नी रेय। 44 तीहया राजाम ना राज्य नी टेमे ह़रग नो भगवान, एक एवु राज्य उबजाड़हे जे कळ नी छेव लग नी खत्तम हये, अने नी तीहयु काना बीजा राज्य ना हात मे हये। पण तीहयु ते आखा राज्य ने चुरा-चुरा कर देहे, अने खत्तम कर देहे; अने तीहयु आह़फु हमेसा टेकलु रेहे। 45 राजा जीसम तु देख्यो के एक दगड़ो कोयना बी हात लगाड़्या वगर बड़ा पोर गेथो उखड़्यो, अने तीहयो लुहड़ा, पीतळ, कादा, चांदी, अने ह़ोनु ने टुकड़ा-टुकड़ा कर देदो, आहयी रीते मोट्लो भगवान राजा ने देखाड़लो से के आनीन अळतेण ह़ु-ह़ु हयवा वाळु से। राजा, तारु ह़पनु खरलु अने तीनु मतलब बी पक्कु से।"
46 आहयु ह़मळीन नबुकदनेस्सर राजा मोडा ना भरहे पड़ीन दानीयल ने वांद्यो, अने हुकम आप्यो के हीने भेट चड़ावो, अने हीनी अगळ वारु गंदायण्यान चीज धपाड़ो। 47 अळतेण राजा दानीयल ने केदो, "ह़ाचली ते आहयु से के तमारो भगवान, देवताम नो भगवान, राजाम नो राजा अने ह़तायली वातु ने उजन्ती करवा वाळो से, करीनेत तु आहयी ह़तायली वात ने उजन्ती कर सक्यो।" 48 तत्यार राजा दानीयल नो पद उचो कर्यो, अने तीने मोटा-मोटा भेट आप्यो; अने आहयो हुकम आप्यो के तीहयो बेबीलोन देस ना आखा राज्य पोर मुख्यो अने महाराजु पोर मुख्यो बणाय देय। 49 तत्यार दानीयल केदो करीन राजो सद्रक, मेसक अने अबेदनगो ने बेबीलोन ना आखा राज्य ना कामु करवा करीन ठेराय देदो; पण दानीयल आह़फो राजा ना राजवाड़ा मे रेतो हतो।