1 "सरदीस नी मंडळी ना दुत ने आहयु लीख: ‘जीनी पांह भगवान नी ह़ात आत्मा अने ह़ात तारा से, तीहयो आहयु केय के मे तारा कामु ने जाणु, अने माणहु केय तु जीवत्लो से पण ह़ाचलीन तु मरलो से।’ 2 एतरे उठ जा, अने तीने मजबुत कर, जे बच जेलु से आनीन पेले के तीहयु पुरी रीती सी मर जाय, काहाके मे तारा काम ने भगवान नी नींगा मे अरदा देख्यो। 3 करीन तु फोम कर के तु केवी ह़ीकापण ह़ीकलो अने ह़मळलो, अने तीने मान अने पापु सी मन फीराव। कदीम तु नी जाग्यो, ता मे चोट्टान तेम तारीन्तां आय लागही, अने तु कदी तीहयी टेम ने नी जाण सके के मे कानी टेमे तारीन्तां आवही। 4 पण होव, सरदीस ह़ेर मे तारीन्तां थोड़ाक एवा माणहु से जे आह़फा ना लुगड़ा ने चोखा राख्या। तीहया धोळ्ळा लुगड़ा पेरीन मारी ह़ाते फीरहे, काहाके तीहया आनी लायक से। 5 जे जीक जहे तीने एमेत धोळ्ळा लुगड़ा पेरावहे, अने मे तीनु नाम जीवाय नी कीताप मे गेथु कानी बी रीते कदी नी काटु; पण तीनु नाम मारा बाह अने तीना ह़रगदुत अगळ देखाड़ही के आहयो मारो से।"
6 जीना कान्टा हय तीहया ह़मळ लेय के आत्मा मंडळी ना माणहु ने ह़ु केय।
7 "फीलदीलफीया नी मंडळी ना दुत ने आहयु लीख: ‘जे चोखलो अने खरलो से, अने जे दावुद नी कुची राखे, अने जे झापलु ने तीहयो उगाड़े, तीने कोय दी नी सके, अने जे झापलु तीहयो देय, तीने कोय उगाड़ी नी सके, तीहयो आहयु केय के।’" 8 "मे तारा कामु ने जाणु; देख मे तारी अगळ एक झापलु उगड़लु राख र्यो, जीने कोय दी नी सके; मे जाणु के तारी ताखत थोड़ीक से, ते बी तु मारी ह़ीकापण ने मान्यो अने तु मारी ह़ाते भरहा नी लायक बणीन र्यो। 9 देख, मे भुतड़ा ना टोळा मे वाळा ने तारा हक मे कर देही जे आह़फा ने युहदी केय, पण तीहया नी हय अने झुट मेक र्या, देख, मे आसम करही के तीहया आवीन तारा पोगे पड़हे, अने आहयु जाण लेहे के मे तारी सी मोंग कर र्यो। 10 काहाके तु गम खावा ना हुकम ने ठाण लेदलो से, करीन मे बी तने पारख नी तीहयी टेमे बचाड़ीन राखही जे धरती पोर रेवा वाळा ने पारखवा करीन आखी कळी पोर आव्वा वाळी से। 11 मे छोटोत आव्वा वाळो से; जे कंय तारी पांह से तीने धरीन राख के कोय तारी जीक नु ईलाम हापकी नी लेय। 12 जे जीक जहे तीने मे मारा भगवान ना मंदीर मे एक खम्बो बणावही, अने तीहया अळतेण कदी बारा नी नीकळे; अने मे तीमनी पोर मारा भगवान नु नाम अने मारा भगवान ना ह़ेर मतलब नवला यरुसलेम नु नाम लीखही, जे मारा भगवान भणी गेथु ह़रगे गेथु उतरवा वाळु से, अने मे मारु नवलु नाम बी लीखही।"
13 "जीना कान्टा हय, तीहयो ह़मळी लेय के मंडळी ना माणहु ने आत्मा ह़ु केय।"
14 "लोदीकीया नी मंडळी ना दुत ने आहयु लीख: ‘जे आमीन अने भरहो करे एवो अने खरलो गवा से, अने भगवान नी बणावट नो हकदार्यो से, तीहयो आहयु केय के।’ 15 मे तारा काम ने जाणु काहाके तु नी ते टाडलो हय अने नी ते उन्लो हय: भलु रेतु के तु टाडलो नीता उन्लो रेतो। 16 एतरे के तु फळको-फळको से, नी टाडलो हय अने नी उन्लो हय, मे तने मारा मोडा मे गेथो बारो नीकाळवा पोर से। 17 तु केय के मे पामत्लो से अने पामतो हय ज्यो, अने मारी पांह कंय चीज नी कमी नी हय; पण तु आहयु नी जाणतो के तारो कीसमत नी हय, अने फाल्तु, गरीब, आंदळो अने नांगरलो से। 18 एतरे मारी ह़ला तारी जुगु आहयी से के आक्ठु मे चोखु करलु ह़ोनु मारी पांह गेथु वेचातु ली ले के तु पामतो हय जाय। अने धोळ्ळु लुगड़ु बी वेचातु लीन पेर ले, अने तु तारु लजवायणु नांगरलु ने ढाक, अने तारा डोळा पोर लगाड़वा ना लेदे सुरमो ली ले के तु देख सके। 19 मे जीमने मोंग करु तीमने मे वडु अने सजा आपु। एतरे हीम्मत वाळा बणो अने आह़फा ना पाप सी मन फीरावो। 20 देख, मे झापले उबो रीन झापलु ठोक र्यो; कदीम कोय मारो बोल ह़मळीन झापलु उगड़हे, ता मे तीना घोर मे आय्न तीनी ह़ाते खाणु खाही अने तीहया मारी ह़ाते खाहे। 21 जे जीक जहे मे तीने मारी ह़ाते मारी राजगादी पोर बहवा नो हक आपही, जेम मे बी जीकीन मारा बाह ह़ाते तीनी राजगादी पोर बह ज्यो।
22 "जीना कान्टा हय, तीहयो ह़मळी लेय के मंडळी ना माणहु ने आत्मा ह़ु केय।"