1 एतरे मे जे मालीक जुगु धराय र्यो अने तमने देखाड़ु के जे बोलाव्वा सी तमने बोलावला से, तीनी लायक जीवाय जीवो। 2 मतलब आखी नीचळाय अने भोळाय भेळ, अने धीरज सी मोंग मे एक-बीजा नी वेठ लेवो। 3 अने मेळ ना जोड़ मे आत्मा नो एक्को बणाय्न राखवा नी कोसीत करो। 4 एक डील, अने एक आत्मा; जीसम तमने बोलाव्वा नी एक आह से। 5 एकीत मालीक से, एकीत भरहो, अने एकीत बपतीस्मा; 6 अने आखा नो एकीत बाह भगवान से, जे आखा पोर अने आखा नी वच मे अने आखा मे से।
7 पण अमारी माय्न एक-एक जणा ने मसी ना दान ना फोळ नी अनसारे संयबरकत जड़ली से। 8 जीसम चोखली सास्तर केय:
"तीहयो उचाय पोर चड़ ज्यो,
ता तीहयो कंय बंदायला ने ली ज्यो,
अने आपणा माणहु ने ईलाम आप्यो।"
9 "तीनु चड़वानु" आनु ह़ु मतलब से? आनु आहयु के पेले तीहयो धरती ना आखा सी हेटला जागा मे उतर्यो। 10 ता जे हेटो उतर्यो आहयो तीहयोत से जे आखा वादळा गेथो उप्पर चड़ ज्यो के तीनी हजरी सी आखा ह़रग ने भरवा ना लेदे। 11 तीहयो थोड़ाक ने नेवताळा, अने थोड़ाक ने भगवान वगे गेथी वात केण्या, अने थोड़ाक ने खुस-खबर ह़मळाव्वा वाळा, अने थोड़ाक ने रखवाळ्या अने मास्तर्या टाळीन ह़ोप देदो। 12 जीनी सी भगवान ना माणहु अळी चोखला हय जाय अने सेवा नु काम करे अने मसी ना डील नी बड़ोत्री हय सके, 13 जत्यार तक के आमु आखान-आखा भरहा अने भगवान ना सोरा नी ओळखाण मे एक नी हय जीया, अने एक नामह़ाद्यो माणहे नी बण जीया अने मसी ना पुरा डील-डोल तक नी पुग जीया। 14 के आमु अगा सोरा नी तेवा नी रीया, जे दर्या नी झलक नी तेम एथान-एथा उसळे अने नखाय जाय अने माणहु ना धोका नी आंजी अने चतराय ना लारे वय जाय। 15 पण मोंग मे सच्चाय सी चालता जाय्न आखी वातु मे जे मुंडु से, मतलब मसी मे वदता जावो, 16 जीनी मे आखु डील, एक-एक जोड़ नी मदत सी एक्ठा मेळीन, अने एक्ठा हय्न, तीहया बदलाव नी अनसारे जे एक-एक डील ना वाटा ना वारु-वारु काम करवा नी लारे तीनी मे हये, आखु डील अगु बड़े अने मोंग नी लारे आह़फु ने बणावे।
17 मालीक ना नाम सी, अळी, मे तमने चेतावणी आपु; के तमु आड़जात्या नी तेम ना जीवो, तीमना वीच्यार बगड़ला से। 18 अने तीमना मन अंदारला हय जेला से। तीमनी पांह कोय जीवाय नी हय जे भगवान आपे, काहाके तीहया पुरी रीती सी वण-अकल्या अने जखड़ी पड़न्या से। 19 अने तीहया मन बेरा हय्न लुच्चाय करवा मे लाग जेला से के आखा भाती ना वीटळ्ळा कामु हेर सी कर्या करे।
20 पण तमने मसी ना बारा मे आवी ह़ीकापण नी आपली हती। 21 पण तमु ह़ाचली तीनीत ह़मळ्या, अने जीसम ईसु मे सच्चाय से, तीनीत मे तमने ह़ीकाड़्या बी, 22 के तमु पुराणा चाल-चलण ने नीकाळ देवो, जे भटकाड़वा वाळी चीज नी हेर नी अनसारे मीटतो जाय। 23 अने आपणी आत्मा ना वेहवार मे नवला बणता ना लेदे, 24 अने नवला माणहे ने पेरवा नी लेदे, सच्चाय ना धरमीपणा मे अने चोखलापणा मे भगवान ने तेम बणवा करीन।
25 झुट मेकवा सोड़ीन एक-एक आपणा ह़ाते वाळा ने ह़ाचली केवो, काहाके आमु आखा एक डील ना वाटा से। 26 रीह ते करो, पण पाप ना करो; अने दाहड़ु बुड्ये तक तमारी रीह नी रेवा जोवे। 27 अने भुतड़ा ने मोखो ना आपो। 28 चोरी करवा वाळो पासो चोरी नी करवा जोवे, पण वारला काम करवा मे आह़फा ना हातु सी मेहनत करे, आनीन करते के तमु ईमानदार जीवाय जीव सको अने गरीब नी मदत कर सको। 29 नुकसान करवा वाळा बोलु ने ना वापरो, पण नीस्ता भलाय करन्या बोलु ने वापरो, के बीजा ना लेदे संयबरकत नो कारण अने ह़मळवा वाळा ना लेदे भलु हये। 30 भगवान नी चोखली आत्मा ने दुखी ना करो, जीनी सी तमारी पोर छुटकारा ना दाड़ा जुगु सीलटप्पो लगाड़ मेक्यो। 31 आखी भाती नी कड़वाहट, बुरी लालच, रीह, लड़ाय-झगड़ा अने वाक काडवा ना आखा काम तमारा वच मे गेथा सेटा करो। 32 एक-बीजा पोर दया करवा वाळा अने ह़ुमाळा बणीन रेवो, अने जेम भगवान मसी ना लारे तमारा गुना ने माफ कर्यो, तेमेत तमु बी एक-बीजा ना गुना ने माफ करो।