1 अने आमने जोवे के कमजोर्या नी कमजोरी ने वेठे, नी के खुद खुस करे। 2 आपणी मे गेथा हरेक जणा आपणा हाते वाळा नी भलाय ना लेदे खुस करे के तीनी बड़ोत्री हवे। 3 काहाके मसी आह़फा ने खुस नी कर्यो, पण जीसम लीखलु से: "तारा बुराय करन्या नी बुराय मारी पोर आय लागी।" 4 जेतरी वात पेले गेथी लीखली से, तीहयी आपणीत ह़ीकापण ना लेदे लीखली से के आमु धीरज अने चोखली सास्तर ना हीम्मत ना लारे आह राखये। 5 धीरज अने सांती आपण्यो भगवान तमने आहयो वरदान आपे के मसी ईसु ना अनसारे एक-मन्या एक-बीजा सी रेय। 6 काहाके तमु एक-मन्या अने एक रींग मे अमारा मालीक ईसु मसी ना बाह भगवान नी बड़ाय करो।
7 आनी लेदे, जीसम मसी भगवान ना बड़ाय ना लेदे तमने आवरी लेदो, तेमेत तमु बी एक-बीजा ने आवरी लेवो। 8 आनी लेदे मे केम, के जे वायदा आड़ा-बुड़ा सी करला हता तीमने वातड़ा करवा करीन मसी, भगवान नी सच्चाय नी सबुत आपवा करीन खतना करला माणहु नो चाकर्यो बण्यो। 9 अने आड़जात्या बी दया ना कारण भगवान नी गुणगान करे; जीसम लीखलु से
"आनी लेदे मे जाती-जाती मे तने वारु से केम,
अने तारा नाम ना भजन गावु।"
10 अळी केदलो से,
"ए जाती-जाती ना आखा माणहु, तीना मालीक ना माणहु हाते खुसी मनावो।"
11 अने अळी,
"ए आड़जात्या आखा माणहु, मालीक ना गीत गावो; अने
ए राज-राज ना आखा माणहु, तीनी बड़ाय करो।"
12 भगवान वगे गेथो केवा वाळो यसायो बी केदलो हतो:
यीसे नी एक अवल्यात उबजहे,
अने तीहयो आड़जात्या पोर अदीकार करहे,
तीहया तीनी पोर आह लगाड़हे।
13 भगवान जे आह नो मालीक से, तमने भरहो करवा मे आखी भाती नी खुसी अने सांती सी भरपुर करे, के चोखली आत्मा नी सक्ती सी तमारी आह वदती जाय।
14 ए मारा भायु अने बेन्या, मे खुद तमारा बारा मे ह़ाचलीन जाणु के तमु बी खुद भलाय सी भरायला अने भगवान ना ग्यान सी भरपुर से, अने एक-बीजा ने ह़मजाड़ सको। 15 ते बी मे आहयी चीट्ठी मे कंखर-कंखर फोम कराव्वा नी लेदे तमने घणो मजबुत करीन लीख्यो, आहयु तीहयी दया ना कारण हयु, जे भगवान मने आपलु से। 16 मे आड़जात्या ना लेदे मसी ईसु नो चाकर्यो बणीन भगवान नी खुस-खबर नी सेवा पुंजारान तेम करु; जीनी सी आड़जात्या ने मानो चड़ाव्वा, चोखली आत्मा सी चोखला बणीन ली लेवो। 17 एतरे मे ईसु मसी मे एक हयवा ना कारण भगवान नी सेवा जुगु बड़ाय करु। 18 काहाके मसी मने आड़जात्या ने हुकम मानीन आहयी वाट देखाड़वा करीन बोल मे अने काम मे, 19 अने सेलाण्या देखाड़वा मे, अने सेल-भात्या काम करवा मे चोखली आत्मा नी सक्ती मे काम लावलो से। एतरे मे यरुसलेम गेथो ईल्लुरीकुम लग च्यारो-मेर तक मसी नी खुस-खबर नु परच्यार करलो से। 20 पण मारी हेर आहयी से के जां-जां माणहु मसी नु नाम लग नी ह़मळ्या तां-तां जाय्न ईसु नी खुस-खबर ह़मळावु, काहाके मे काना बीजा ना नीव पोर घोर नी बांदु। 21 पण जीसम सास्तर मे लीखलु से,
"जीमने तीना बारा मे नी ह़मळाया, तीहयात देखहे,
अने जे भगवान नी वात ह़मळ्या लग नी, तीहयात ह़मजहे।"
22 एतरे मे वळ-वळीन तमारीन्तां आव्वा नी हींड्तो हतो। 23 पण हाव आहया परगणा मे ईसु नी वात ह़मळावा नी बची, अने ढेरेत साल पेले गेथोत तमारीन्तां आव्वा नी हेर कर र्यो हतो। 24 करीन मे जत्यार स्पेन मे जही ता तमारीन्तां हय्न जही काहाके मारी आह से, के तीहयी यात्रा मे तमारी सी भेट करु, अने जत्यार मे तमने भेटु अने मारो जीव खुसी सी भर जाय ता मने थोड़ेक अगा तक पुगाड़ देजो। 25 पण हाव ते मे चोखला माणहु नी सेवा करवा यरुसलेम जवा बाज र्यो। 26 मकीदुनीया अने अखाया मुलक नी मंडळ्या यरुसलेम ना गरीब चोखला माणहु नी मदत ना लेदे खुसी सी अगळ आया। 27 ह़ाची मानो, तीहया आहयु खुसी करला से, तीहया यरुसलेम मे रेवा वाळा ना करजाळ्ळा से, काहाके आड़जात्या तीमनी सी आत्मा नी बरकत हात करला से ता आहयु बी से के तीहया वारली चीज ना लारे बी मदत करहे। 28 आनीन करते तारा काम ने पुरु कर जत्यार मे जाण जही के तीने आहयु रकम जड़ जेलु से, मे स्पेन भणी जही तां तने वाट्ये भेटही। 29 आहयु ते मने मालम से के जत्यार मे तारी सी भेटही, मारी ह़ाते ईसु मसी नी बरकत रेहे।
30 ओ भायु, अमारा मसी ईसु ना अने चोखली आत्मा ना मोंग ना लारे तमारी सी मारी वीन्ती से के मारी ह़ाते मेळीन भगवान सी मारी लेदे वीन्ती करो। 31 के मे युहद्या मुलक मे ईसु ने नी मानन्या माणहु सी बच जाम, अने यरुसलेम ना चोखला माणहु ना लेदे सेवा माने। 32 के मे भगवान नी मरजी नी लारे तमारीन्तां खुसी भेळ आवीन तमारी ह़ाते अराम हात करु। 33 सांती नो भगवान तमारी आखा ह़ाते रेय। आमीन