9 एतरे ईसम वीन्ती करो, "ए अमारा बाह, तु जे ह़रग मे से तारु नाम चोखलु मनाये। 10 तारु राज आवे। तारी मरजी जीसम ह़रग मे पुरी हये, तेमेत आहयी धरती पोर बी पुरी हये। 11 दाड़ीन, आमने जोवे तेतरु खाणु आप्या कर। 12 अने जीसम आमु अमारा गुनेगार ने तीमना पाप ना लेदे माफी आपला से, तेमेत तु अमारा पाप ना लेदे आमने माफी आप; 13 अने जत्यार पाप कराव्वा नी पारख आवे ता आमने पाप मे नी पड़वा देजे, पण बुराय सी बचाड़।"
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