9 परा गीरंथ मा असो लिख्यो सेत,
"जोनला डोरा लक नही चोव सकत, अना कान लक नही आयकयो,
जहाँन मानूस को अक्कल तकन नही पहोच सका सेत।
असो गोस्टी परमेस्वर को चहेतो लोक गिन लाय राख्यो सेत।"
9 परा गीरंथ मा असो लिख्यो सेत,
"जोनला डोरा लक नही चोव सकत, अना कान लक नही आयकयो,
जहाँन मानूस को अक्कल तकन नही पहोच सका सेत।
असो गोस्टी परमेस्वर को चहेतो लोक गिन लाय राख्यो सेत।"
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