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1 Tessalonicenses 2

िििनगर

1 दच आमरमरजवर आवननहभयो। 2 पर ििउचलनअनबरतसहवनहमअपरपरमवर असिमत यके, िमलपरमवर जररतआयका। 3 आमरिभरम लक, "करम" अनछल े। 4 परमवर अपरजररतपन हमलसमझहमनहपर िरदय परख परमवर पर भरकरन िरचकरजन5 जसनलईस, हमकभमल"एक ककड़ी अना" नहकरयजनबहबना, परमवर हमरगवे। 6 हमलक न-मरयनहहत ा, जसलक अखलक7 आममसवन आममरवरतहक जमसकता, पर आममरनरमलक भयो, जसएक वन अपरकरल-पनरम लक आवे। 8 िलक मरममतवनरन हमलभई, वल मलपरमवर जररतआयकपर मरअपरिरयिजनहमलगत गय9 हममहनत अनमहसे, हममरपर नहबनन मकसद लक कसत-दिवस करकमलपरमवर जररतआयकवा।

10 एनगवअखवसपरमवर े, हममलभरपवतर2:10बिना पाप का, रमिअनिरदजसबरतकरजन11 जसअपरबरतकरे, वसहमलक हर एक िईसजन अनकरजन अखिनतकरकसमझजन12 बढकवहन लगयमरचलन परमवर िे, मलअपरअनमहि2:12बड़ाई कले।

13 एनरन हमसदपरमवर धनवकरजनजबहमरकन लक मलपरमवर खबर िनही, पर परमवर समझकअपनखरभरअपरकर14 अगमसपरमवर ओनकलि, यहिे। अपररवहन लक वससहि15 िननिरभअनभवियवकिअनहम सतयकभगईनवय परमवर उनलक हतकहवय सबच ि16 ि यहटकजरखबर िरचकरनवय हमरकरतरहऐकफर वय सदअपऱो2:16घड़ा भरतरह, पर अबपरमवर गजब भडगय

कलिलक िलन मनस

17 पर अगहममरलक उसगरिगया। आतम(ि) नहपर एकआस मरखन लगत करतरहया। 18 हममरजवर एक नहगन आवन आस खत ा। दच एक नहपर गन आवन हवत 2:18 परमेस्वर का सतरू कत 19 हमआस बड़ा2:19उल्लास नते? हमरिरभआवन नहवन ा? 20 सचमहममहिअन

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1 Tessalonicenses
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