यीसु सही को अंगूर को बेला
1 "खरो अंगूर की बेला मि सेव। अना मोरो बाबूजी कास्तकार से। 2 जोन डाली मोरो मा से अना नही फरासे, ओला उ काट डाकासे, अना जो फरासे, ओला छाटासे, जोन लक अखीन फरेत। 3 तुम्हि तो उ गोस्टी लाय सुध्द सेव जोन मीना सांगासेऊ, 4 तुम्हि मोरो मा बनो रव्हो, अना मि तुमरो मा, जसो डार अदी अंगूर बेला मा बनी रव्हसे, ता तबच फर सकेत।"
5 "मि अंगूर बेला सेव, तुमी डार सेव, जोन मोरो मा बनो रव्हासे, अना मि ओमा, उ लगत फर फरासे, काहेकि तुम्हि मोरो लक बेगरो भयके, तुम्हि काही नही कर सको। 6 अदी कोनी मोरो मा बनो नोको रव्हेत, ता उ डार को जसो फेक दियो जावासे, अना सूक जावासे, अना लोक गीन उनला एकठ्ठो करके स्तो मा झोक देवासेत, अना वय जर जासेत। 7 अदी तुम्हि मी मोरो मा बनयो रव्हो अना मोरो गोस्टी तुमी मा बनी रव्हो, तो जोन चाव्हो माँगने तो उ तुमरो लाय भई जाहे। 8 मोरो बाबूजी की बड़ाई योच लक होवासे, तुम्हि लगत सा फर आननो, तबाच तुम्हि मोरो चेला कहलाने।"