1 एकोलाय जबा वोको बिसराम को जघा मा धसनो को वायदा अबा तकन बनयो हुयो सेत, तो आमी ला सतरक रव्हनो पाहिजे। का तुमरो लक कोनी वोको लायक ना रव्हेत। 2 काहेका अमीला उनको च जसो साजरो बारता आयकु आय गयो सेत। पर जोन साजरा बारता उनना आयकयो वोको कोनी फायदा नही भयो। काहेका आयकन वालो बिस्वास नही करयो। 3 अबा चोवो, अमीला जोन बिस्वास सेजन। वोना बिसराम मा धसयो सेत। जसो का परमेस्वर ना सांगयो से। "मीना गुस्सा मा किरिया खाय के कव्हयो होतो। ‘वय कदीच मोरो बिसराम मा सामिल नही होयेत।’" जबा संसार को बनानको मघा वोको काम पूरो हो गयो होतो। 4 वोना सातवो दिवस को बारे मा गीरंथ मा कही असो कव्हयो सेत। "परमेस्वर ना सातवो दिवस आपरो सब काम निपटा केन बिसराम करीसेस।" 5 अना मंग यो जघा मा भी कव्हयो "वय कदी मोरो बिसराम मा सामिल नही होयेत।" 6 जोनला पयले साजरा बारता आयकायो गयो होतो। वय अपरो हुकूम नही मानन को कारन बिसराम मा नहि धस सकयो। पर दुसरो मानूस लाय अबा भी बिसराम को बेसकुड़ खुल्यो सेत। 7 एकोलाय परमेस्वर ना मंग एक खास दिवस पक्को करयो। अना वोला नाव दियो "आज" काही साल बितन को मघा दाऊद लक परमेस्वर ना वोना दिवस को बारे मा गीरंथ मा कह्यो होतो। "जोनको बारे मा अमी अबा कव्हसेजन।" अदी आज वोको आवाज आयको, "तो आपरो मनला निठ्ठूर नोको करो।"
8 काहेका अदी यहोसु ना उनला बिसराम दियो होतो। तो उ एको मघा आवनवालो कोनी अखीन दिवस को चरचा नही करतो। 9 एकोलाय परमेस्वर को लोकगीन को लाय अबा भी बिसराम को दिवस बाकी सेत। 10 काहेका जोन कोनी परमेस्वर को बिसराम मा धसा सेत, आपरो काम ले बिसराम पाय जावासते। वसोच जसो परमेस्वर ना आपरो काम लक पाय गयो। 11 एकोलाय, आमी भी वोना बिसराम को जघा मा धसनो काजी भीड़यो रव्हो। कहि असो ना होहे की वसोच हुकूम नही मानन को कारन, कोनी मानूस गडढा मा पड जाय।
12 काहेका परमेस्वर को बचन जित्तो, अना ताकतवर, अना कोनी भी दुइ धारवालो तरवार लक पैनो सेत। उ जान मन जोड अना मास ला आर को पार छेदन लायक सेत, अना मनको बिचार अखीन भावना ला परखसेत। 13 परमेस्वर लक कोनी भी चीज लुको नाहती। वोको डोरा को सामोर सब काही उघड़ो सेत। वोकोच लेखा अमी ला देवनो सेत।
14 परमेस्वर को टूरा यीसु आमरो मुखिया याजक से। जोन सरग लक आयो से, अना लवट गयो। एकोलाय अमी आपरो बिस्वास को बचन ला मजबूती लक धरयो रहबीन। 15 काहेका आमरो मुखिया याजक असो नाहती का आमरो कमजोरी मा अमी लक दुहुर भयी जाय। काहे का पाप ला सोड़ के सब गोस्टी मा आमरो जसो परखो गयो सेत। पर उ बेकसूर हिटयो। 16 एकोलाय आमी पूरो भरोसा को संग, किरपा को सिघासन को जवर जाबिन, जोनलक अमीला दया भेटेत। यो आमरो जरुरत मा आमरो सायता करहेत।