1 काहेका करार, जोनमा आवन वारा साजरो चीज को छाप सेत। पर उ असल नाहती, एकोलाय वय लोकगीन एक जसो बलिदान हर साल बिना चूके चघाव सेत। पर उ जवर आवनवारा ला सिध्द नही बना सकेत। 2 नही तो उनको चघानो काय लाय बंद नही होवा सेत। यदि सेवा करन वालो को मन एकच बार मा पवीतर भई जासेत। तो बार-बार अखीन बली चघानो जरूरी नाहती। अना उनको मन उनला बारम्बार पाप मा नही ठहरायती। 3 पर वय हर साल पाप ला हेत करासेत। 4 काहेका बकरा अना बैइल को रकत मानूस को पाप ला दुहुर नही करासेत।
5 योच कारन दुनिया मा आवन को बेरा असो कव्हसेत।
"बली अना चढावा तू नही चाव्हसेत
पर मोरो काजी एक देह तैय्यार कियो गयो सेत।
6 जनावर को बली अना होमन पाप बली चढावा लक
तू खूसी नही होवासेत
7 मोरो बारे मा पवीतर किताब को एक हिस्सा मा असो लिखयो सेत
तबा मीना कव्हयो चोव मी आवासू
जेनको लक परमेस्वर को मनसा पूरो करू।"
8 मोसे को नियम मा वरता तो असो कव्हसेत "हे भगवान बलीदान तोरो काजी चघायो जावासेत पर वोको लक भी तू खूस नहास तोला पाप बली होम बली अना भेंट बलिदान काही नही पाहिजेत।" 9 मग उ असो भी कव्हसेत, चोव! "मी तोरो मनसा पूरो करन काजी आवासू। असो परकार उ पहेलो करार ला रद्द करासेत, अना दुसरो ला चलावसेत।" 10 "वोच भगवान को मनसा को लक, यीसु मसीह को देह ला एकच बार चघानो लक पूरो भयो, अना आमी सब पवीतर भई गईन"। होमन कुन्ड मा होमबलि
11 हरेक याजक तो उभो भयके हर रोज सेवा करासेत, अना बार-बार एकच बली ला चघाव सेत। जोन कदी पाप लक दुहुर नही कर सका सेत। 12 पर यो मानूस तो पाप को एवज मा हमेसा काजी एकच बलिदान चघायके परमेस्वर को जेवनो कन बस गयो। 13 जहान यीसु यो बात को लाय बाट चोव रहयो सेत का वोको बैरी वोको पाय को पीढ़ो कब बनहेती 14 काहेका वोना एकच बार चढावा चघाके जोन पवीतर कियो जानो सेत उनला हमेसा काजी सिध्द बना दियो।
15 एको बारेमा पवीतर आतमा को गवाही आमरो कठा सेत काहेका पवीतर गिरथ मा पिरभू असो कव्हसेत
16 "बेरा आवनो पर,
मी उनको लक नवा करार करहू पिरभू कव्हसेत,
मी आपरो नियम उनको मन मा राखू,
अना उनको दिल मा लिखू।"
17 मंग उ असो भी कव्हसेत "मी उनको पाप हुन ला अना उनको खोटो करम अधरम को काम ला कदी हेत नही करीन।" 18 अना जबा इनको पाप छिमा भई गई सेत, तो मंग पाप को बली नही रहयो
19 अगो भाऊ अना अवो बहिनहुन, अबा अमीला पूरो भरोसा भई गयो सेत का आमी यीसु को रकत लक पवीतर जघा मा धस सकसेत। 20 यीसु ना आमरो काजी जित्तो अना नवा रस्ता हेड़ ख दियो सेत। जोन वोको देह रुपी पड़दा लक होयके जावासेत। 21 अबा आमरो कठा एक महान याजक सेत जो परमेस्वर को घर मा ठहरायो गयो सेत 22 एकोलाय आव आमी आपरो दोसी मन ला खरो करन काजी दिलमा छिड़काव करबीन अना आपरो देह ला सफा पानी लक धोवके बेकपट दिल लक पूरो भरोसा लक परमेस्वर को कठा जाबिन। 23 आमी आपरो आस को गवाही देवन काजी पक्को अना अटल रहन को परन करिया सेत। काहेका जोन ना अमीला बचन देइसेस वा भरोसा काबिल सेत। 24 अमीला यो बात पर धियान देवनो सेत की आमी कसो एक दुसरो ला पिरेम अखीन दुसरो को उपकार काजी उकसात रव्हबिन। 25 अना एक दुसरो संग जमा होवनो नोको छोड़ो। जसो कितरो लोकगीन को असोच रित सेत। अना एक दुसरो ला बढ़ावा देवत रव्हो, जसो-जसो विपदा को दिवस जवर आवता चोवो असोच करो।
26 काहेका खरो ला जानन को मघा अदी आमी जानबुझके पाप करतो रहबीन तो पाप को लाय कोनी बली बाकी नाहती। 27 पर एक खूब भयानक दन्ड बाकी रव्हसेत नियाय को अना एक गजब को स्तो जोन हुकूम नही मानन वालो ला गिटक लेहेत। 28 जबा मोसे को नियम नही मनन वारा ला दोन अना तिन झन को गवाही लक बिना दया को मारन लाय हुकूम लिखिसेस 29 तो जोनना परमेस्वर को टूरा को हुकूम ला तोड़के वोला आपरो पाय मा खुंदिसेस, अना वोको रकत को करार जोन वोला पवीतर ठहरसेस वोन वोला असुध्द ठहरा देइसेस अना दया को आतमा को अपमान करीसेस वोको काजक हाल होहेत वोला आपरो डिमाक लक सोचो। 30 काहेका आमी वोला जानासेजन जोनना कहिसेस "का बदला लेवनो मोरो काम सेत, मीच बदला देहू अना मंग यो का पिरभू आपरो लोकगीन को न्याय करयेत।" 31 जित्तो परमेस्वर को हातमा पडनो कितरो भयानक गोस्टी सेत।
32 पर तुमी वोना मघा को गोस्टी ला हेत करो। जोन मा तुमी उजाड पाय के दुख अना मोठो विपदा मा पक्को रहयो होतो। 33 तुमी लोकगीन मा काही ला सब को चोवत-चोवत बेइज्जती अना अतियाचार सहनो पडयो मजे काही को असो हालत को हिस्सादार बननो पडयो। 34 तुमीना आपरो जोन लोकगीन जेलमा होतिन उनको सुदी लियो अना जबा तुमी लोकगीन को धन जपत कर लियो गयो तो तुमीना हूँ लक चूँ नही कव्हयो, काहेका तुमी जानत होतो का एको लक कही साजरा अना हमेसा को संपति तुमरो कठा सेत। 35 एकोलाय तुम लोकगीन आपरो पूरो भरोसा नोको छोडो एको ईनाम मोठो सेत। 36 तुम लोकगीन ला धिरज को जरुरत सेत जोन लक परमेस्वर को मनसा पूरो करन को मघा तुमिला वा मिल जाय जोन को वायदा परमेस्वर कर चूकयो सेत। 37 काहेका पवीतर गिरथ असो कव्हसेत "जोन आवन वारा सेत उ जरासि बेरा मघा आहेत उ उसीर नही करयेत। 38 पर मोरो न्यायी जन भरोसा लक जित्तो रहेत, अना उ मघा हट जाय तो मोरो मन वोको लक खूसी नही होयेत।" 39 पर आमी हटनवालो नही का नास भई जाबिन पर भरोसा राखनवारा सेत का आपरो जानला बचाबिन।