42 "हे मोसे को नियम को गुरू, तुम लक धिक्कार से, काहेका पोदीना, सोप, अखीन हरेक हिवरो साग को, दसवा लेवासो, पर परमेस्वर को, माया अखीन न्याय को लक, तुम्ही लापरवाही करा सेव। तुम्हारो लाय क यो साजरो होवतो, का तुम्ही वोला भी मानासेव, अखीन येला भी।"
42 "हे मोसे को नियम को गुरू, तुम लक धिक्कार से, काहेका पोदीना, सोप, अखीन हरेक हिवरो साग को, दसवा लेवासो, पर परमेस्वर को, माया अखीन न्याय को लक, तुम्ही लापरवाही करा सेव। तुम्हारो लाय क यो साजरो होवतो, का तुम्ही वोला भी मानासेव, अखीन येला भी।"