17 जबा उ एक दिवस सोचन लग्यो, ‘मोरो बाबूजी को घर मा कितरो बनिहार सेत, उनला भरपेट जेवन भेटासे अखिन मी भूखो मर रहीसेव।
17 जबा उ एक दिवस सोचन लग्यो, ‘मोरो बाबूजी को घर मा कितरो बनिहार सेत, उनला भरपेट जेवन भेटासे अखिन मी भूखो मर रहीसेव।