13 महुन मी उनलक बोधकथा मा गोस्टी सांगासू। उ चोवत-चोवत अँधरा भई जासेत, वसोच आयक सेत तरी उनला समजमा नही आवासे। 14 उनको बारे मा भविस्यवक्ता यसायाह ना असो लिखीसेस
"तुमी आयकजो पर समजमा नहीं आयेत,"
तुमी चोवजो, "पर तुमिला नही दिसेत।"13:14 यसायाह 6:9-10
15 काहे का ऐना लोकगीन ला "अक्ल मा गोटा" पड गयी सेत
ज्यादा आयक सेत,
"इनना डोरा बंद कर लईसेत कदी असो न होहे,
का वय डोरा लक चोवके,
अना कान लक आयक के;
मन मा समज लेहेति,
अना बदल जाय अना,
मि उनला साजरो करू।"