1 एकोलाय ओ मोरो चहेतो भाऊ अना बहिन हुन, यो सब वायदा आमरो च लाय कियो गयो सेत। तो आव आमी आपरो आप ला उन सब लक जोन आमीला असुध्द करासेत वोको लक सुध्द करबीन, या जोन आमरो देह ला आतमा ला असुध्द बनावसेत। काहेका अमीला परमेस्वर को भेव मा जीवन काजी पूरो पवीतर होवनो पाईजे।
2 आपरो दिल मा हमारो लाय जघा बनाओ। हमीना कोनी को हानी नहीं करेसेजन। ना अमीना कोनीला बरबाद करीसेजन। ना कोनीलक फायदा लेवन को कोसिस करीसेजन। 3 मी तुमिला निंदा करन काजी असो नहीं कव्हसू; काहेका, जसो मीना पयले सांगिसेव, तुमी आमरो दिल को आमरो दिल मा असो बस गयो सेव, हमी हमेस एक सग रव्हसेजन। चाहे हमी संग जीवबीन या मर जाबीन। 4 मी तुमारो पर एतरो यकीन राखासू। मी यो गोस्टी मा गरब करासू का आमरो सबच परेसानी मा मी अबा भी हिम्मत मा बढ़ावा सेत; अना मी खुसी लक।
5 मकीदुनिया देस पहुंचन को मघा, अमीला देह मा चैन नहोतो। चारिकनी लक दूसरों के संग झगड़ा, दिल मा भेव अना परेसानी होती। 6 पर परमेस्वर निरास लोक गिनला आस देवासेत। तबच तो तितुस को आवन मा अमीला चैन मिली। 7 केवल यो गोस्टी नाहती का उ आवनवारा होतो पर वोको उ सान्ती लक भी अमीला खुसी करिसेत। वोना सांगिस का तुमी मोला चोवनो चाव्हासो, अना तुमी सरमावा सेव मोला बचान काजी तुम कितरो तैय्यार सेव एना सब गोस्टी लक अबा मी खूब खुस सेव।
8 यहांन तकन का अगर वोना चिठ्ठी मा तुम्हिला दुख लगिसेत तो मोला कोनी गम नाहती मोला गम होय सकत होतो जबा जरा उसीर काजी तुमीला पस्तावा होतो। 9 लेकिन अब मी खुस सेउ काहेका मीना पुढ़ा तुम्हिला दुखी नहीं करीसेव। लेकिन तुम्हरो उदासी ना तुम्हरो मन बदलन को मौका देवासेत। वोना दुखला परमेस्वर बवजासे, अना यो काजी कोनी नुकसान नही भयो। 10 काहेका परमेस्वर लक बवजनवारा उदासी को लाय दिल, मा एक बदलाव आवासेत जोन सूटकारा को कन जावासेत। अना वोमा कोनी पस्तावा नाहती। लेकिन वोच उदासी मानूस को मरन को कारन बनासेत। 11 चोवो परमेस्वर ना तुमरो यो उदासी लक का भयो, तुमी कितरो ईमानदार सेव, अना निरदोस सेव यो साबीत करन काजी असो भई सेत। तुम मा जोन गुस्सा अना पलटा लेवन को बिचार, भेव अना खूब जोस पैदा भयो तुमीना हरेक परकार लक दिसायो का तुम निरदोस सेव।
12 मंग मी ना जोन तुमला चिठ्ठी मा लिखयो होतो वोमा ना तो वोको कारन लिखयो होतो जोनना हानी करिसेत अना वोको कारन जोन पर अना न्याय भई सेत पर एकोलाय का तुमरो जोस जोन आमरो काजी सेत परमेस्वर को पुढ़ा चोव जाय, का तोरी भक्ती केतरी सेत। 13 योच कारन सेत का हमला सान्ती भेटिस। आमरो यो सान्ती अना तितुस को कारन लक खुसी यो दुई गोस्टी मिलके सबको दिल गदगद भई गयो। अना तुमी ना अखीन जीव ला लगत खुस कर दियो। 14 मीना तुमरो पर घमन्ड करयात, अना तुमीना मोला निरास नहीं करीसेव। हमेस अमीना तुमिला खरो सगिसेत, अना वसोच अमिना गरब करतत आमरो गरब करनो सहि सेत। अना तितुस ना जनमन सांगयो, तो यो गोस्टी खरो साबीत भयो। 15 जब वोला तुम सब को हेत आवासेत, का तुमी कसो हुकूम मानत होतो? आना, कसो डराय के अना थर्रा के वोको लक भेंट करियो, तो वोको पिरेम अखीन जादा बढ जावासेत। 16 मोला हरेक बातमा तुमरो पर पूरो भरोसा सेत यो गोस्टी लक मी लगत खुससेव।