9 एकोलाय तुम्हि लोक गीन असो रित लक पिराथना करने,
"ओ आमरो परमेस्वर बाबूजी तू जोन सरग मा सेव
तोरो नाव पवीतर मानो जाय।"
10 "अखीन तोरो राज आय,
तोरो मनसा जसो सरग मा पूरो होवासेत वसोच धरती मा पूरो होहे,"
11 "आमरो दिवस भर को जेवन आज अमीला देव,"
9 एकोलाय तुम्हि लोक गीन असो रित लक पिराथना करने,
"ओ आमरो परमेस्वर बाबूजी तू जोन सरग मा सेव
तोरो नाव पवीतर मानो जाय।"
10 "अखीन तोरो राज आय,
तोरो मनसा जसो सरग मा पूरो होवासेत वसोच धरती मा पूरो होहे,"
11 "आमरो दिवस भर को जेवन आज अमीला देव,"