21 " जोन मोला हे पिरभु, हे पिरभु! कव्हसे, उनमा लक हरेक सरग को राज मा नही जाय सकत। पर जोन मोरो, परमेस्वर बाबूजी को मरजी लक चलासे, उ जाय सकासेत।
21 " जोन मोला हे पिरभु, हे पिरभु! कव्हसे, उनमा लक हरेक सरग को राज मा नही जाय सकत। पर जोन मोरो, परमेस्वर बाबूजी को मरजी लक चलासे, उ जाय सकासेत।