धिरज अना विनती
7 एकोलाय अरे भाऊ गीन पिरभू को आवनो तकन धीर-धरो। देखो किसान जमीन की बेस किमती फसल की आसा राखतो हुयो पहेल अना आखीर बरसआ होवनो तकन धीरज धरो। 8 तुमी भी मन मा धीरज धरो अना अपरो आतमा ला पक्को करो काहेकी पिरभू को आवन जवर से।
7 एकोलाय अरे भाऊ गीन पिरभू को आवनो तकन धीर-धरो। देखो किसान जमीन की बेस किमती फसल की आसा राखतो हुयो पहेल अना आखीर बरसआ होवनो तकन धीरज धरो। 8 तुमी भी मन मा धीरज धरो अना अपरो आतमा ला पक्को करो काहेकी पिरभू को आवन जवर से।