कलीसिया मैं नियम
26 भईय्यौ और बहेनियौ, बताबौ का करनो चहाईये? जब तुम कलीसिया मैं जुराथौ, तौ सबन के मन मैं भजन संहिता या उपदेस या दुसरे भासा या उजियारो या तौ दुसरी भासा को मतलब बताने होथै। सबै कछु आत्मिक बढ़ोतरी के ताहीं होनो चहाईये। 27 अगर दुसरी भासा मैं बात करने होबै तौ दुई जनी या फिर निरे जनी होमैं तौ तीन जनी पाली-पाली से बोलैं, और एक आदमी सब बातन को मतलब बताबै। 28 लेकिन अगर मतलब बतान बारो नाय होबै तौ, जो-जो दुसरी भासा बोलथैं बे कलीसिया मैं चुप्पा रहमैं। और खाली अपने आप से और परमेस्वर से बात करनो चाहिए। 29 और भविस्यवक्ता मैं से भी दुई या तीन जनी बोलैं, बाकी के आदमी उनके बचन को फैसला करैं। 33 परमेस्वर गड़बड़ी को नाय, लेकिन सांति को कर्ता है। जैसे कि पवित्र आदमिन की सबै कलीसियन मैं है,
40 पर सब बातन कै सई तरीका और नियम से करो जाबै।