15 का तुम नाय जानथौ, की तुमरो सरीर मसीह को अंग है? तौ का मैं मसीह के सरीर को अंग लैकै उनकै वेस्या को अंग बनामौं? कतई नाय! 16 का तुम नाय जानथौ की जो कोई वेस्या से संगती रखथै, बौ बाके संग एक सरीर हुई जाथै सास्त्र कहथै, "बे दोनों एक तन होंगे।" 17 और जो प्रभु की संगती मैं रहथै, बौ बाके संग एक आत्मा हुई जाथै।
18 व्यभिचार से बचे रहबौ और जित्ते पाप इंसान करथैं, बे सरीर के बहार हैं, लेकिन व्यभिचार करन बारो अपनेई सरीर के खिलाप पाप करथै। 19 का तुम नाय जानथौ, कि तुमरो सरीर पवित्र आत्मा को मंदिर है, जो तुम मैं बसो भौ है और तुमकै परमेस्वर के घाँईं से मिलो है? और तुम अपने नाय हौ, लेकिन परमेस्वर हौ; 20 परमेस्वर तुमकै दाम दैकै मोल लई है, तभईये अपने सरीर से परमेस्वर की महिमा करौ।