11 पर हे परमेस्वर के जन, तैं जे बातन से भाज; और न्यायीपन, भक्ति, बिस्वास, प्रेम, धीरज, और सोम्यता को पीछा कर।
11 पर हे परमेस्वर के जन, तैं जे बातन से भाज; और न्यायीपन, भक्ति, बिस्वास, प्रेम, धीरज, और सोम्यता को पीछा कर।