आखरी चितौनी और अभिवादन
1 अब तिसरी बार मैं तुमरे झोने आथौं। "दुई या तीन गभन" के मोहों से हर बात मानी जागी13:1 व्यवस्थाविवरन 17:6; 19:15-जैसी कि सास्त्र कहथै।
1 अब तिसरी बार मैं तुमरे झोने आथौं। "दुई या तीन गभन" के मोहों से हर बात मानी जागी13:1 व्यवस्थाविवरन 17:6; 19:15-जैसी कि सास्त्र कहथै।