44 "परमेस्वर को तम्बु रेगिस्तान मैं हमरे पुरखन के बीच मैं साक्छी रहै। और बौ ऐसो बनो रहे जैसो परमेस्वर मूसा से चहात रहे, जैसो ढाँचो मूसा देखी रहे। 45 बाद मैं, हमरे पुरखा अपने बाप-दादोन से तम्बु पाईं, जब बे यहोसू के संग गै और देसन से जमीन मैं कब्जा कर लईं जोकै परमेस्वर अग्गु बढ़ाई। और दाऊद के समय तक बौ हूँनै रहो। 46 और परमेस्वर बाके ऊपर दया करी; फिर परमेस्वर बाकै इजाजत दई, कि बौ याकूब के परमेस्वर के तम्बु ताहीं बसन की जघा बनाबै। 47 लेकिन जौ सुलैमान रहै जो बाके ताहीं एक घर बनाई।"
48 "लेकिन परमप्रधान दऊवा परमेस्वर इंसान के हात को बनो भौ घर मैं नाय बास करथै; जैसो कि भविस्यवक्ता कहथै:
49 ‘प्रभु कहथै, स्वर्ग मेरो सिंहासन है,
और पृथ्वी मेरे पाँवों तरे की चौकी है।
तुम मेरे ताहीं कैसो घर बनाबैगे?
और मेरे ताहीं रहन की जघा कहाँ है?
50 का जे सब चीज मेरे हात की बनाई भइ नाय हैं?’"