51 "तुम कित्ते जिद्दी हौ!" कहनै मैं स्तिफनुस चले गौ। "तुम अपने मन कै कित्तो पवित्र करथौ, तुम परमेस्वर के संदेस मैं कित्ते ध्यान देनबारे हौ! तुम अपने पुरखन के हानी हौ: तुम हमेसा पवित्र आत्मा को बिरोध करे हौ! 52 भविस्यवक्ता मैं से कौनकै तुमरे पुरखा नाय सताईं रहैं? बे परमेस्वर के दूतन कै मारडारीं, जो भौत पहले अपने धर्मी सेवक के आन के बारे मैं घोसड़ाँ करी रहैं। और अब तैं बाकै धोका दैकै मार डारो है।