3 जैसे-जैसे साऊल दमिस्क सहर के झोने आत गौ, अनकाचीति आसमान से बाके ऊपर एक उजियारो चमको। 4 बौ जमीन मैं गिर गौ और बाकै एक अबाज सुनाई दई, "साऊल, साऊल! तू मोकै काहेकै सताथै?"
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3 जैसे-जैसे साऊल दमिस्क सहर के झोने आत गौ, अनकाचीति आसमान से बाके ऊपर एक उजियारो चमको। 4 बौ जमीन मैं गिर गौ और बाकै एक अबाज सुनाई दई, "साऊल, साऊल! तू मोकै काहेकै सताथै?"