16 कि बौ अपनी आत्मा के जरिये तुम लोगन कै अपनी महिमा मैं धन अनुसार तुमकै सक्ति और सामर्थ्य देबै, 17 और मैं प्रार्थना करथौं कि मसीह बिस्वास के जरिया से तुमरे मन मैं अपनो घर बनाबै। मैं प्रार्थना करथौं कि तुम अपनी जरन और प्रेम की बुनियाद रख सकौ, 18 ताकी तुम सबै परमेस्वर के पवित्र लोगन के संग मिलकै जौ समझन की सक्ति रख सकौ कि, मसीह के प्रेम की चौड़ाई और लम्बाई, ऊचाई और कित्तो गहरो है। 19 हाँ, का तुम मसीह के प्रेम कै जान सकौ-हालाकि जौ कहुए पूरी तरीका से जान नाय सकथैं-और जबले पूरे तरहन से परमेस्वर के स्वभाव से भरपूर हुई जाए।