37 हन्ना चौरासी साल की हुई चुकी रहै: बौ मंदिर कहु नाय छोड़त रहै; दिन-रात बौ परमेस्वर की आराधना करत रहै, बर्त रखत रहै और प्रार्थना करत रहै।
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37 हन्ना चौरासी साल की हुई चुकी रहै: बौ मंदिर कहु नाय छोड़त रहै; दिन-रात बौ परमेस्वर की आराधना करत रहै, बर्त रखत रहै और प्रार्थना करत रहै।