ईसु पाँच हजार लोगन कै खबाई
10 फिर प्रेरितैं लौटकै जो कछु बे करी रहैं, बौ सब कछु ईसु कै बताईं, और ईसु उनके अपने संग बैतसैदा नाओं के एक सहर मैं लैकै गौ। 11 जब भीड़ जाके बारे मैं सुनीं, तौ बे बाके पच्छू ही लई, और ईसु उनसे परमेस्वर के राज्य की बात करन लगो, और जिनकै चंगाई की जरूरत रहैं, उनकै अच्छो करी।
12 जब दिन मुद चुको, तौ बारह चेला ईसु के झोने आयकै कहीं, "भीड़ कै अब भेज दे ताकी बे गाँव और बस्तियन मैं जाएकै अपने ताहीं रहन कि जघा, और खानु को जुगाड़ कर सकैं, बौ इसलै कि हम हिंयाँ सुनसान जघा मैं हैं।"
13 लेकिन ईसु उनसे कही, "तुम खुद उनकै कछु खान ताहीं देबौ।" बे जबाब दईं, "हमरे पास पाँच रोटी और दुई मच्छी हैं। का तैं चाहथै कि हम जौ पूरी भीड़ के ताहीं खानु मोल लामैं?"
14 हुँआँ लमसम पाँच हजार आदमी रहैं। ईसु अपने चेलन से कही, "उनकै पचास-पचास करकै समूह मैं बैठारौ।"
15 चेला ऐसोई करीं, और सबन कै बैठार दईं, बाके बाद, 16 ईसु बे पाँच रोटी और दुई मच्छी लई, और स्वर्ग घाँईं देखकै परमेस्वर से आसीस माँग कै धन्यवाद करी, और रोटी तोड़-तोड़कै चेलन कै देत गौ ताकी बे लोगन कै बाँटें। 17 और बे सब खाएकै पेट भर लईं, और चेला बची भइ बारह छपरिया उठाए लईं।9:17 2 राजा 4:44