30 और तुमरे मूड़ के एक बार तक भी सब गिने भै हैं। 31 तभई डराबौ मत; तुम निरे गौरैयन से बढ़कै कीमती हौ।"
30 और तुमरे मूड़ के एक बार तक भी सब गिने भै हैं। 31 तभई डराबौ मत; तुम निरे गौरैयन से बढ़कै कीमती हौ।"