6 चुनाँचे अल्लाह के क़ादिर हाथ के नीचे झुक जाएँ ताकि वह मौज़ूँ वक़्त पर आपको सरफ़राज़ करे। 7 अपनी तमाम परेशानियाँ उस पर डाल दें, क्योंकि वह आपकी फ़िकर करता है।
8 होशमंद रहें, जागते रहें। आपका दुश्मन इबलीस गरजते हुए शेरबबर की तरह घुमता-फिरता और किसी को हड़प कर लेने की तलाश में रहता है। 9 ईमान में मज़बूत रहकर उसका मुक़ाबला करें। आपको तो मालूम है कि पूरी दुनिया में आपके भाई इसी क़िस्म का दुख उठा रहे हैं। 10 लेकिन आपको ज़्यादा देर के लिए दुख उठाना नहीं पड़ेगा। क्योंकि हर तरह के फ़ज़ल का ख़ुदा जिसने आपको मसीह में अपने अबदी जलाल में शरीक होने के लिए बुलाया है वह ख़ुद आपको कामिलियत तक पहुँचाएगा, मज़बूत बनाएगा, तक़वियत देगा और एक ठोस बुनियाद पर खड़ा करेगा।