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Resultados da busca por "salvação"

26 resultados encontrados

  1. Romanos 16

    किताबे-मुक़द्दस
    Capítulo 16
    Mostrando versículos 16–27 de 27

    16एक दूसरे को मुक़द्दस बोसा देकर सलाम करें। मसीह की तमाम जमातों की तरफ़ से आपको सलाम।

    20सलामती का ख़ुदा जल्द ही इबलीस को आपके पाँवों तले कुचलवा डालेगा।हमारे ख़ुदावंद ईसा का फ़ज़ल आपके साथ हो।

    27अल्लाह की तमजीद हो जो वाहिद दानिशमंद है। उसी का ईसा मसीह के वसीले से अबद तक जलाल होता रहे! आमीन।

  2. 1 Pedro 5

    किताबे-मुक़द्दस
    Capítulo 5
    Mostrando versículos 6–14 de 14

    6चुनाँचे अल्लाह के क़ादिर हाथ के नीचे झुक जाएँ ताकि वह मौज़ूँ वक़्त पर आपको सरफ़राज़ करे।

    9ईमान में मज़बूत रहकर उसका मुक़ाबला करें। आपको तो मालूम है कि पूरी दुनिया में आपके भाई इसी क़िस्म का दुख उठा रहे हैं।

    14एक दूसरे को मुहब्बत का बोसा देना।आप सबकी जो मसीह में हैं सलामती हो।

  3. Romanos 15

    किताबे-मुक़द्दस
    Capítulo 15
    Mostrando versículos 13–33 de 33

    13उम्मीद का ख़ुदा आपको ईमान रखने के बाइस हर ख़ुशी और सलामती से मामूर करे ताकि रूहुल-क़ुद्स की क़ुदरत से आपकी उम्मीद बढ़कर दिल से छलक जाए।

    18क्योंकि मैं सिर्फ़ उस काम के बारे में बात करने की जुर्रत करूँगा जो मसीह ने मेरी मारिफ़त किया है और जिससे ग़ैरयहूदी अल्लाह के ताबे हो गए हैं। हाँ, मसीह ही ने यह काम कलाम और अमल से,

    33सलामती का ख़ुदा आप सबके साथ हो। आमीन।

  4. Salmos 33

    किताबे-मुक़द्दस
    Capítulo 33
    Mostrando versículos 2–20 de 22

    2सरोद बजाकर रब की हम्दो-सना करो। उस की तमजीद में दस तारोंवाला साज़ बजाओ।

    19कि वह उनकी जान मौत से बचाए और काल में महफ़ूज़ रखे।

    20हमारी जान रब के इंतज़ार में है। वही हमारा सहारा, हमारी ढाल है।

  5. Salmos 116

    किताबे-मुक़द्दस
    Capítulo 116
    Mostrando versículos 5–8 de 19

    5रब मेहरबान और रास्त है, हमारा ख़ुदा रहीम है।

    6रब सादा लोगों की हिफ़ाज़त करता है। जब मैं पस्तहाल था तो उसने मुझे बचाया।

    8क्योंकि ऐ रब, तूने मेरी जान को मौत से, मेरी आँखों को आँसू बहाने से और मेरे पाँवों को फिसलने से बचाया है।

  6. 2 Tessalonicenses 3

    किताबे-मुक़द्दस
    Capítulo 3
    Mostrando versículos 3–18 de 18

    3लेकिन ख़ुदावंद वफ़ादार है, और वही आपको मज़बूत करके इबलीस से महफ़ूज़ रखेगा।

    16ख़ुदावंद ख़ुद जो सलामती का सरचश्मा है आपको हर वक़्त और हर तरह से सलामती बख़्शे। ख़ुदावंद आप सबके साथ हो।

    18हमारे ख़ुदावंद ईसा मसीह का फ़ज़ल आप सबके साथ रहे।

  7. 1 Crônicas 2

    किताबे-मुक़द्दस
    Capítulo 2
    Mostrando versículos 39–45 de 55

    39अज़रियाह के ख़लिस, ख़लिस के इलियासा,

    41सल्लूम के यक़मियाह और यक़मियाह के इलीसमा।

    45सम्मी मऊन का और मऊन बैत-सूर का।

  8. Filipenses 4

    किताबे-मुक़द्दस
    Capítulo 4
    Mostrando versículos 4–9 de 23

    4हर वक़्त ख़ुदावंद में ख़ुशी मनाएँ। एक बार फिर कहता हूँ, ख़ुशी मनाएँ।

    5आपकी नरमदिली तमाम लोगों पर ज़ाहिर हो। याद रखें कि ख़ुदावंद आने को है।

    9जो कुछ आपने मेरे वसीले से सीख लिया, हासिल कर लिया, सुन लिया या देख लिया है उस पर अमल करें। फिर सलामती का ख़ुदा आपके साथ होगा।

  9. Levítico 3

    किताबे-मुक़द्दस
    Capítulo 3
    Mostrando versículos 1–12 de 17

    1अगर कोई रब को सलामती की क़ुरबानी पेश करने के लिए गाय या बैल चढ़ाना चाहे तो वह जानवर बेऐब हो।

    6अगर सलामती की क़ुरबानी के लिए भेड़-बकरियों में से जानवर चुना जाए तो वह बेऐब नर या मादा हो।

    12अगर सलामती की क़ुरबानी बकरी की हो

  10. Marcos 8

    किताबे-मुक़द्दस
    Capítulo 8
    Mostrando versículos 35–37 de 38

    35क्योंकि जो अपनी जान को बचाए रखना चाहे वह उसे खो देगा। लेकिन जो मेरी और अल्लाह की ख़ुशख़बरी की ख़ातिर अपनी जान खो दे वही उसे बचाएगा।

    36क्या फ़ायदा है अगर किसी को पूरी दुनिया हासिल हो जाए, लेकिन वह अपनी जान से महरूम हो जाए?

    37इनसान अपनी जान के बदले क्या दे सकता है?

  11. 1 Crônicas 6

    किताबे-मुक़द्दस
    Capítulo 6
    Mostrando versículos 12–53 de 81

    12अख़ीतूब के सदोक़, सदोक़ के सल्लूम,

    13सल्लूम के ख़िलक़ियाह, ख़िलक़ियाह के अज़रियाह,

    53अख़ीतूब के सदोक़, सदोक़ के अख़ीमाज़।

  12. Esdras 2

    किताबे-मुक़द्दस
    Capítulo 2
    Mostrando versículos 3–46 de 70

    3परऊस का ख़ानदान : 2,172,

    18यूरा का ख़ानदान : 112,

    46हजाब, शलमी, हनान,

  13. Colossenses 3

    किताबे-मुक़द्दस
    Capítulo 3
    Mostrando versículos 4–15 de 25

    4मसीह ही आपकी ज़िंदगी है। जब वह ज़ाहिर हो जाएगा तो आप भी उसके साथ ज़ाहिर होकर उसके जलाल में शरीक हो जाएंगे।

    13एक दूसरे को बरदाश्त करें, और अगर आपकी किसी से शिकायत हो तो उसे मुआफ़ कर दें। हाँ, यों मुआफ़ करें जिस तरह ख़ुदावंद ने आपको मुआफ़ कर दिया है।

    15मसीह की सलामती आपके दिलों में हुकूमत करे। क्योंकि अल्लाह ने आपको इसी सलामती की ज़िंदगी गुज़ारने के लिए बुलाकर एक बदन में शामिल कर दिया है। शुक्रगुज़ार भी रहें।

  14. Josué 15

    किताबे-मुक़द्दस
    Capítulo 15
    Mostrando versículos 23–26 de 63

    23क़ादिस, हसूर, इतनान,

    25हसूर-हदत्ता, क़रियोत-हसरोन यानी हसूर,

    26अमाम, समा, मोलादा,

  15. Neemias 12

    किताबे-मुक़द्दस
    Capítulo 12
    Mostrando versículos 6–20 de 47

    6समायाह, यूयारीब, यदायाह,

    18बिलजा के ख़ानदान का सम्मुअ,समायाह के ख़ानदान का यहूनतन,

    20सल्ली के ख़ानदान का क़ल्ली,अमूक़ के ख़ानदान का इबर,

  16. Gênesis 10

    किताबे-मुक़द्दस
    Capítulo 10
    Mostrando versículos 14–28 de 32

    14फ़तरूसी, कसलूही (जिनसे फ़िलिस्ती निकले) और कफ़तूरी।

    17हिव्वी, अरक़ी, सीनी,

    28ऊबाल, अबीमाएल, सबा,

  17. Jeremias 17

    किताबे-मुक़द्दस
    Capítulo 17
    Mostrando versículos 12–14 de 27

    12हमारा मक़दिस अल्लाह का जलाली तख़्त है जो अज़ल से अज़ीम है।

    13ऐ रब, तू ही इसराईल की उम्मीद है। तुझे तर्क करनेवाले सब शरमिंदा हो जाएंगे। तुझसे दूर होनेवाले ख़ाक में मिलाए जाएंगे, क्योंकि उन्होंने रब को छोड़ दिया है जो ज़िंदगी के पानी का सरचश्मा है।

    14ऐ रब, तू ही मुझे शफ़ा दे तो मुझे शफ़ा मिलेगी। तू ही मुझे बचा तो मैं बचूँगा। क्योंकि तू ही मेरा फ़ख़र है।

  18. Gálatas 5

    किताबे-मुक़द्दस
    Capítulo 5
    Mostrando versículos 1–6 de 26

    1मसीह ने हमें आज़ाद रहने के लिए ही आज़ाद किया है। तो अब क़ायम रहें और दुबारा अपने गले में ग़ुलामी का जुआ डालने न दें।

    4आप जो शरीअत की पैरवी करने से रास्तबाज़ बनना चाहते हैं आपका मसीह के साथ कोई वास्ता न रहा। हाँ, आप अल्लाह के फ़ज़ल से दूर हो गए हैं।

    6क्योंकि जब हम मसीह ईसा में होते हैं तो ख़तना करवाने या न करवाने से कोई फ़रक़ नहीं पड़ता। फ़रक़ सिर्फ़ उस ईमान से पड़ता है जो मुहब्बत करने से ज़ाहिर होता है।

  19. 1 Coríntios 14

    किताबे-मुक़द्दस
    Capítulo 14
    Mostrando versículos 1–33 de 40

    1मुहब्बत का दामन थामे रखें। लेकिन साथ ही रूहानी नेमतों को सरगरमी से इस्तेमाल में लाएँ, ख़ुसूसन नबुव्वत की नेमत को।

    20भाइयो, बच्चों जैसी सोच से बाज़ आएँ। बुराई के लिहाज़ से तो ज़रूर बच्चे बने रहें, लेकिन समझ में बालिग़ बन जाएँ।

    33क्योंकि अल्लाह बेतरतीबी का नहीं बल्कि सलामती का ख़ुदा है।जैसा मुक़द्दसीन की तमाम जमातों का दस्तूर है

  20. Atos 10

    किताबे-मुक़द्दस
    Capítulo 10
    Mostrando versículos 20–41 de 48

    20उठ और छत से उतरकर उनके साथ चला जा। मत झिजकना, क्योंकि मैं ही ने उन्हें तेरे पास भेजा है।"

    36आप अल्लाह की उस ख़ुशख़बरी से वाक़िफ़ हैं जो उसने इसराईलियों को भेजी, यह ख़ुशख़बरी कि ईसा मसीह के वसीले से सलामती आई है। ईसा मसीह सबका ख़ुदावंद है।

    41वह पूरी क़ौम पर तो ज़ाहिर नहीं हुआ बल्कि हम पर जिनको अल्लाह ने पहले से चुन लिया था ताकि हम उसके गवाह हों। हमने उसके जी उठने के बाद उसके साथ खाने-पीने की रिफ़ाक़त भी रखी।

Léxico (correspondência exata) Semântico (correspondência relacionada) Versículos omitidos Contexto do capítulo