मसीह में नई ज़िंदगी
17 पस मैं ख़ुदावंद के नाम में आपको आगाह करता हूँ कि अब से ग़ैरईमानदारों की तरह ज़िंदगी न गुज़ारें जिनकी सोच बेकार है 18 और जिनकी समझ अंधेरे की गिरिफ़्त में है। उनका उस ज़िंदगी में कोई हिस्सा नहीं जो अल्लाह देता है, क्योंकि वह जाहिल हैं और उनके दिल सख़्त हो गए हैं। 19 बेहिस होकर उन्होंने अपने आपको ऐयाशी के हवाले कर दिया। यों वह न बुझनेवाली प्यास के साथ हर क़िस्म की नापाक हरकतें करते हैं।