अंधेरा
21 इसके बाद रब ने मूसा से कहा, "अपना हाथ आसमान की तरफ़ उठा तो मिसर पर अंधेरा छा जाएगा। इतना अंधेरा होगा कि बंदा उसे छू सकेगा।" 22 मूसा ने अपना हाथ आसमान की तरफ़ उठाया तो तीन दिन तक मिसर पर गहरा अंधेरा छाया रहा। 23 तीन दिन तक लोग न एक दूसरे को देख सके, न कहीं जा सके। लेकिन जहाँ इसराईली रहते थे वहाँ रौशनी थी।
28 उसने मूसा से कहा, "दफ़ा हो जा। ख़बरदार! फिर कभी अपनी शक्ल न दिखाना, वरना तुझे मौत के हवाले कर दिया जाएगा।" 29 मूसा ने कहा, "ठीक है, आपकी मरज़ी। मैं फिर कभी आपके सामने नहीं आऊँगा।"