फोड़े-फुंसियाँ
8 फिर रब ने मूसा और हारून से कहा, "अपनी मुट्ठियाँ किसी भट्टी की राख से भरकर फ़िरौन के पास जाओ। फिर मूसा फ़िरौन के सामने यह राख हवा में उड़ा दे। 9 यह राख बारीक धूल का बादल बन जाएगी जो पूरे मुल्क पर छा जाएगा। उसके असर से लोगों और जानवरों के जिस्मों पर फोड़े-फुंसियाँ फूट निकलेंगे।"
10 मूसा और हारून ने ऐसा ही किया। वह किसी भट्टी से राख लेकर फ़िरौन के सामने खड़े हो गए। मूसा ने राख को हवा में उड़ा दिया तो इनसानों और जानवरों के जिस्मों पर फोड़े-फुंसियाँ निकल आए। 11 इस मरतबा जादूगर मूसा के सामने खड़े भी न हो सके क्योंकि उनके जिस्मों पर भी फोड़े निकल आए थे। तमाम मिसरियों का यही हाल था। 12 लेकिन रब ने फ़िरौन को ज़िद्दी बनाए रखा, इसलिए उसने मूसा और हारून की न सुनी। यों वैसा ही हुआ जैसा रब ने मूसा को बताया था।