8 तब अब्राम ने लूत से बात की, "ऐसा नहीं होना चाहिए कि तेरे और मेरे दरमियान झगड़ा हो या तेरे चरवाहों और मेरे चरवाहों के दरमियान। हम तो भाई हैं। 9 क्या ज़रूरत है कि हम मिलकर रहें जबकि तू आसानी से इस मुल्क की किसी और जगह रह सकता है। बेहतर है कि तू मुझसे अलग होकर कहीं और रहे। अगर तू बाएँ हाथ जाए तो मैं दाएँ हाथ जाऊँगा, और अगर तू दाएँ हाथ जाए तो मैं बाएँ हाथ जाऊँगा।"
10 लूत ने अपनी नज़र उठाकर देखा कि दरियाए-यरदन के पूरे इलाक़े में ज़ुग़र तक पानी की कसरत है। वह रब के बाग़ या मुल्के-मिसर की मानिंद था, क्योंकि उस वक़्त रब ने सदूम और अमूरा को तबाह नहीं किया था। 11 चुनाँचे लूत ने दरियाए-यरदन के पूरे इलाक़े को चुन लिया और मशरिक़ की तरफ़ जा बसा। यों दोनों रिश्तेदार एक दूसरे से जुदा हो गए।