21 जिसके पास मेरे अहकाम हैं और जो उनके मुताबिक़ ज़िंदगी गुज़ारता है, वही मुझे प्यार करता है। और जो मुझे प्यार करता है उसे मेरा बाप प्यार करेगा। मैं भी उसे प्यार करूँगा और अपने आपको उस पर ज़ाहिर करूँगा।"
22 यहूदाह (यहूदाह इस्करियोती नहीं) ने पूछा, "ख़ुदावंद, क्या वजह है कि आप अपने आपको सिर्फ़ हम पर ज़ाहिर करेंगे और दुनिया पर नहीं?"
23 ईसा ने जवाब दिया, "अगर कोई मुझे प्यार करे तो वह मेरे कलाम के मुताबिक़ ज़िंदगी गुज़ारेगा। मेरा बाप ऐसे शख़्स को प्यार करेगा और हम उसके पास आकर उसके साथ सुकूनत करेंगे। 24 जो मुझसे मुहब्बत नहीं करता वह मेरी बातों के मुताबिक़ ज़िंदगी नहीं गुज़ारता। और जो कलाम तुम मुझसे सुनते हो वह मेरा अपना कलाम नहीं है बल्कि बाप का है जिसने मुझे भेजा है।
25 यह सब कुछ मैंने तुम्हारे साथ रहते हुए तुमको बताया है। 26 लेकिन बाद में रूहुल-क़ुद्स, जिसे बाप मेरे नाम से भेजेगा तुमको सब कुछ सिखाएगा। यह मददगार तुमको हर बात की याद दिलाएगा जो मैंने तुमको बताई है।